अगर आप उत्तरप्रदेश कानपूर में घूमने की बेह्तरीनं जगह ढूंढ रहे है तो हम आपके सामने ले आये इन जगहों के नाम और साथ ही कैसे घूमने जायेगे और कितने रुपए की वहा टिकट होगी। तोह चलिए देखते है इन फेमस जगह के नाम। मोती झील से लेकर कानपूर का चिड़ियघर तक कोनसी जगह आपको पहले जाना किये और कौन कौन सी बाद में।
तो सबसे पहले थोड़ा सा कानपूर के बारे में जान लेते है दोस्तों, तोह कानपूर जिला, गंगा नदी के दक्षिणी तट पर बसा हुआ है। कानपूर जिले को एक औद्योगिक छेत्र का केंद्र माना जाता है जिसमे सबसे जयदा चमड़ा से बने सामान जैसे की जूते, बेल्ट, पर्स, जैकेट, और भी चमड़े से बानी चीज़े शामिल है। तोह दोस्तों चलते है उन ऐतिहासिक जगहों के बारे में जाने के लिए।
1. मोती झील
कानपूर में सबसे प्रसीद जगह जो है घूमने की वो है मोती झील। यहाँ पर बड़ा पार्क होने के साथ साथ बोटिंग भी कर सकते है जो भी फॅमिली के हिसाब से बहुत ही अच्छा पिकनिक स्पॉट है। शनिवार और रविवार को यहाँ पर लोगो की बहुत ही जयदा भीड़ देखने को मिलती है। कहते है झील बहुत ही पुरानी है और ये अंग्रेज़ो के ज़माने में बनाई गयी थी पानी को एकत्र करने के लिए। सुबह 5 बजे से 9 बजे तक आप मोती झील घूम सकते है, और कम से कम 2 घंटे आप लेकर आये। यह पर आपको खाने के लिए फ़ूड कोर्ट खुला हुआ है, बचो के लिए खिलोने, और भी बहुत सी जगह है।
मोती झील जाने के बाद आपको देखने को मिलेंगे वहा पर पास में बने गोवेर्मेंट ऑफिस है और यहाँ पर घूमने के लिए आपको किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। झील के पास ही कारगिल पार्क बना हुआ है जहा आप अपनी फॅमिली के साथ घंटो बिता सकते है।
2. कानपुर ज़ूलोजिकल पार्क
कानपुर ज़ूलोजिकल पार्क, भारत देश का तीसरा सबसे बड़ा चिड़ियाघर घर में आता है जिसका निर्माण 4 फरवरी 1974 में जनता के लिए खोला गया था। पार्क करीब 19 हेक्टर में फैला हुआ, और 1600 जिव जंतु यहाँ पर है। अपनी फॅमिली के साथ समय बिताने का सबसे बढ़िया जगह कानपूर में घूमने की जहा आप विभिन प्रकार के जीवो को देख सकते है।
ये पार्क, अँगरेज़ सरकार के सदस्य सर एलन के जमीन पर बना हुआ है। कार्य निर्माण शुरू होने के बाद परशान के पास सबसे बड़ी समयस्या की वहा पर जानवर लाने की, फिर सबसे पहला जो जानवर जिनसे वहा प्रवेश करा वो था ऊदबिलाव, उसके बाद बन्दर, चिंपांज़ी, शेर, जिरवाफ, घड़ियाल, भालू, अफ्रीका से लाये शुतरमुर्ग, और विभिन प्रकार के पंछी यहाँ पर लाये गए है। सं 2014, अखिलेश यादव जी ने तोमा ट्रैन भी शुरू कर दी थी, जिसे वो भी एक आकर्षक का केंद्र बन चुकी है। यहाँ पर ख्याल रखने के लिए, जानवरो का अस्पताल, और भी बहुत सारी सुविद्याए बनाई गयी है।
अंदर पॉलीथिन लेके जाना बिलकुल माना है और अगर आप अपना खुदका साधान से अंदर जाना चाहते है तो आपको इसका शुल्क देना होगा। यहाँ पर आपको दयनासोर की वास्तविक आकर की मूर्ति देखने को मिलेगी इसके आलावा मछलीघर बना हुआ है।
देशभर में वैसे तो अनेक चिड़िया घर बने हुए है पर सबसे बड़ा पुरे भारत देश में जो है वो है जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, जो की उतराखंड में स्थित है।
3. जेके मंदिर, कानपूर
जेके मंदिर, मतलब की जुग्गीलाल कमलापत मंदिर, जो की कानपूर का बहुत ही फेमस राधाकृष्णा जी का मंदिर बना हुआ है। सं 1960 में मंदिर को जनता के दर्शन के लिए खोला गया था और मंदिर ने अपना 50 वा साल पूरा होने के बाद जश्न भी बनाया गया था। मंदिर भी खूबसूरत और बहुत अच्छी जगह है घूमने की, जो की बेनाजभर इलाके में स्तिथ है। मंदिर में घूमने और दर्शन के सही समय अक्टूबर से मार्च तक का, वैसे तो मंदिर सप्ताह के सातो दिन खुलता है और आप सुबह के 9:00 बजे के दुपहर के 12 बजे तक जाके दर्शन कर सकते है। शाम के समय भगवान् से दर्शन आपको 4 बजे से लेकर 6:30 बजे तक ही होंगे।
4. इस्कॉन मंदिर कानपूर
कहते है दोस्तों इस्कॉन मंदिर को 2014 में खोला था श्रदालुओ के लिए और बहुत ही भव्यपूर्ण मंदिर है अपनी फॅमिली के साथ घूमने के लिए। अगर आप यहाँ शाम के समय जायेगे तो आप लाइट्स को देख सकते है, शाम के समय नजारा कुछ अलग ही होता है। मंदिर में घूमने का कोई शुल्क नहीं आप जा सकते है, सुबह 4:30 बजे मंगल आरती से भगवान् के दर्शन करने को मिलेंगे उसके बाद शाम को 8 बजे भगवान् जी के मंदिर के द्वार बंद हो जाते है।
5. बिठूर
अगर आप कानपूर घूमने गए है तो बिठूर जाना मत भूल जाना, बिठूर एक छोटा गांव है कानपूर जिले का जो की बिलकुल बीचो बिच है। कहा जाता है की रामयण काल के दौरान माता सीता अपने निर्वासन के दौरान यहाँ रुकी थी। बिठूर गांव, गंगा नदी के तट पर स्थित है और वह पर घूमने के लिए 4 महत्वपूर्ण जगह है।
1.वाल्मीकि आश्रम:
वाल्मीकि आश्रम, बहुत ही पवित्र आश्रम माना जाता है हिन्दू धर्म में, ये वो ही जगह है जाहा पर रामायण की रचना की गयी थी और ये भी कहा जाता है की संत महात्मा आचार्य वाल्मीकि जी इस आश्रम में रहते थे।
वाल्मीकि आश्रम में माता सीता ने अपने दोनों पुत्र लव और कुश को जनम दिया था और वह पर कहते है एक सीढिया बनी हुई है जो मंदिर के दर्शन के लिए है, और ऐसा भी कहा जाता है की वह सीढिया स्वर्ग की सीढिया है।
2. ब्रह्मावर्त घाट
नाम से हे समज आ रहा होगा की एक प्रसीद घाट है बिठूर में, जिसमे भगवन भ्रमा जी ने यग किया था।
3. पाथर घाट
बिठूर में चौथी जगह जो है घूमने की वो है पाथर घाट, और पास में हे शिव जी का मंदिर है घूमने के लिए।
4. घ्रुव टीला
अगर आप बिठूर में हो तो धुर्व टीला जाना न भूले, बहुत ही रहसयमयी और अछि जगह है घूमने की।
6.कांच का मंदिर, कानपूर
कांच का मंदिर बहुत ही प्रसीद मंदिर है कानपूर में जो की भगवान महावीर जी का मंदिर है। यहाँ पर जैन धर्मो की 23 तीर्थ की प्रतिमाये मौजूद है ऐसा बताते है। मशहूर कांच का मंदिर, जो की जैन धर्म का है वो कमला टावर के पास में स्तिथ है और रेलवे स्टेशन से मात्र 3 किलोमीटर ही दूर है।
7. फूल बाघ
कानपूर में घूमने की जगह पर सातवे स्थान पर है फूल बाघ, जैसे नाम से समज आ रहा है की यहाँ पर आपको विभिन प्रकार के फूल, प्राकतिक, और यहाँ बैठ कर आप घंटो बिता सकते है। अंदर जाने के लिए आपको 10 रुपए की टिकट खरीदनी पड़ेगी और फिर आप जगह का लुफ्त उठा सकते हो। जगह ब्रिटिश काल से ही बहुत फेमस है और लोग यहाँ पर आना भी बहुत पसंद करते है।
8. गौतम बुद्ध का पार्क
गौतम बुद्ध पार्क एक बहुत ही पर्सिद पार्क है अपने दोस्तों और फॅमिली के साथ घूमने के लिए कानपूर में। बहुत ही अच्छा और शांत वातावरण आपको अच्छा लगेगा, खाने पिने के लिए आप कुछ भी ले जा सकते है और इसके अल्वा पिकनिक बनने के लिए बहुत ही अछि जगह है।
कानपूर से करीब 90 किलोमीटर दूर उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ स्तिथ है, अगर आपके दिन बहुत जयदा बचे हुए है तो आप लखनऊ में घूमने की बेहतरीन जगहों के बारे में विस्तार से पढ़ सकते है।
9. कानपुर मैमोरियल चर्च
सं 1875 में बना ये चर्च बहुत ही पुराना है कानपूर में, घूमने के लिए बेहत खास और अछि फोटोज के लिए भी। अगर आपको हिस्ट्री बहुत पसंद है आपके लिए ये जगह और भी खास बन जाती है। कोलकाता में उच्च न्यालये के वास्तुकार वालटर ग्रेनविले ने बनाया था। अंदर आने का समय सुबह सुबह 9 बजे से शाम के 9 बजे तक है।
10. कानपूर बोट क्लब
कानपूर बोट क्लब, गंगा नदी के बिलकुल पास में ही स्तिथ है। यहाँ पर आप बोट में बैठ कर गंगा नदी में सेर सपाटा कर सकते है। इसके आलावा फॅमिली के साथ बोटिंग का भी मज़ा ले सकते है। शाम के समय आप गंगा आरती का भी लुफ्त उठा सकते है। सुबह 10 बजे से बोटिंग स्टार्ट हो जाती है जो शाम तक 8 बजे तक चलती है।
प्रश्न और उत्तर
Q.1 और क्या कर सकते है अगर आप कानपूर में घूमने गए हो तो?
उतर: अगर आप कानपूर में हो तो आप गोवा वाला मज़ा ले सकते है मतलब की, आप हॉट एयर बलून में भी जा सकते है जिसका किराया आपको 500 रुपए ही देना होगा 1 आदमी का। इसके आलावा आप मोटर बोट में बैठ का गंगा नदी में जा सकते है और साथ ही गंगा आरती देखना ना भूले शाम के समय।
Q.2 कितना रुपए लगते है बोट क्लब कानपूर में?
उतर: अगर आप सिर्फ 1 आदमी हो तो आपको 80 रुपए देने होंगे अंदर एंट्री करने के लिए और पंच्च साल से काम उम्र वाले बचो के लिए एंट्री बिलकुल मुफ्त है।
Q.3 कानपूर में हो तो घूमने के साथ क्या क्या फैमस चीज़े खाये?
उतर: अगर आप कानपूर घूमने गए हुए तो ये चीज़े बिलकुल भी खाना नहीं भूले जैसे की गोलगप्पे, बदनाम कुल्फी, गड़बड़ चाट, ठग्गू के लड्डू, और बन माखन इन सभी चीज़ो का आनंद ले।
Q.4 कानपूर में घूमने गए हो तो कोनसी मिठाई आनंद ले?
उतर: अगर कानपूर, उत्तरप्रदेश में हो तो ठग्गू के लड्डू जरूर खाये, जो की कानपूर की सबसे प्रसीद मिठाई है।
Q.5 कानपूर में घूमने की जगह कोनसी है?
उतर: कानपूर में अगर आप घूमने गए हो तो आप मोती झील, जूलॉजिकल पार्क, इस्कॉन मंदिर, जेके मंदिर, बोट राइडिंग, गंगा आरती, और भी बहुत सी जगह है घूमने की।
Q.6 कानपूर से अयोध्या की दूरी कितनी है?
उतर: कानपूर से अगर आप अयोध्या जाना चाहते है तो आपको करीब 240 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा फिर जाकर आप श्री राम जी नगरी अयोध्या पहुंच सकते है, ये लेख अयोध्या में घूमने की जगह आपकी मदद करेगा।
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