Is blog में हम बतायेगे की मूंगफली खाने के क्या फायदे होते है इसी के साथ pecans vs akhrot comparison, यहाँ बार बताया गया है। जाने की कोनसा nut ya seed aapke liye sabse zyada faydemand hai, poori jaankari Hindi में। तोह इस ब्लॉग को लास्ट तक पड़े और जाने की क्या फायदे है नट्स और सीड्स के फायदे।
पिकन नट्स खाने के क्या फायदे है?
आप सभी ने अखरोट के बारे में जरूर सुना होगा पर आपको जानकर हैरानी होगी की अखरोट के जैसा दिखने वाला एक और ड्राई फ्रूट है जिसका नाम पिकन नट्स है। ये दिखने में और स्वाद में बिलकुल अखरोट के जैसा ही दिखाई देता है। ऐसा कहा जाता है की पिकन नट्स में अखरोट के मुकाबले बहुत काम मात्रा में कैलोरीज होती है। जो भी लोग वजन काम करना चाहते है उनको अखरोट के स्थान पर पिकन नट्स का सेवन करना चाहिए। फाइबर से भरपूर पिकन नट्स पेट को सही रखता है। अगर आप पिकन नट्स को पका कर खाएंगे तो आपको ज्यादा फायदा मिलेगा।
पिकन नट्स का उत्पादन कश्मीर में किया जाता है , जिसकी बाजार में करीब 1100 रूपए में 1 किलो के करीब होती है। चलिए आपको अखरोट और पिकन नट्स में कुछ अंतर बता देते है-
पिकन नट्स और अखरोट में अंतर
| क्र सं | पिकन नट्स | वॉलनट्स ( अखरोट ) |
| 1. | कैलोरीज़ की मात्रा इसमें काफी कम होती है। | कैलोरीज की मात्रा ज्यादा होती है, इसीलिए ज्यादा खाने से वजन बढ़ सकता है। |
| 2. | पिकन नट्स में फाइबर वॉलनट्स से ज्यादा होते है जिससे ये पेट को अच्छा रखते है। | वॉलनट्स में पिकन नट्स के मुकाबले फाइबर की मात्रा कम होती है। |
| 3. | पिकन नट्स की तासीर ठंडी होती है। | वॉलनट्स की तासीर गरम होती है, इसलिए इसका सेवन भीगोगार ही करना चाहिए नहीं तो पेट में गर्मी हो सकती है। |
| 4. | पिकन नट्स को पका कर खाना ज्यादा सही रहता है। | वॉलनट्स को कच्चा भी खाया जा सकता है। |
| 5. | पिकन नट्स खाने में अखरोट से ज्यादा स्वादिष्ट होते है जो की बटर की जैसे लगते है। | जबकि वॉलनट/ अखरोट खाने में फीके और कड़वे से लगते है। |
| 6. | पिकन नट्स में एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। | अखरोट में प्रोटीन, फैटी एसिड, ओमेगा 3, मिनरल्स बहुत ज्यादा मात्रा में पाए जाते है। |
| 7. | इसकी कैलोरीज कम होने के कारन आप स्नैक के रूप में इसका सेवन कर सकते है। | आप रोजाना 40 से 50 ग्राम तक अखरोट का सेवन कर सकते है पर ध्यान रहे की भिगोकर ही इसका सेवन करे। |
पिकन नट्स खाने के लाजवाब फायदे-
- पिकन नट्स का सेवन करने से दिमाग बहुत तेज होता है और मेमोरी बहुत अच्छी रहती है।
- इसके सेवन से बालो की ग्रोथ भी अच्छी होती है और बाल घने रहते है झड़ते नहीं है।
- पिकन नट्स का सेवन करने से गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और बेड कोलेस्ट्रॉल कम होता है।
- यदि आपको एनीमिया की शिकायत है तो इसका सेवन करने से शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है।
- पिकन नट्स का सेवन एंटी एजिंग के लिए भी किया जाता है। यदि आप इसका रोज सेवन करे तो करीब 15 दिन में स्किन टाइट होती आपको खुद नजर आ जाएगी।
- यदि किसी को घुटनो में दर्द है तो इसको खाने से वो भी दूर हो जाता है।
- इंफ्लमैशन यानी की सूजन की समस्या से भी इसको खाने से निजात मिलता है।
- यदि इसका सेवन कर लिया जाए तो ज्यादा देर तक भूख नहीं लगती इसलिए ये वजन कम करने में भी काफी हद तक मददगार होता है।

- इसमें सोडियम और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत कम है जिससे ये बीपी में बहुत अच्छा रहता है।
- इसमें पायी जाने वाली फाइबर की अधिकता के कारन पेट की समस्या जैसे कब्ज आदि से छुटकारा दिलाता है।
- इसमें फ़ेलोनिक एसिड पाया जाता है जो की कैंसर से बचने में मदद करता है।
- ये बीपी को लौ करने में मदद करता है, जिन लोगो को हाइ बीपी की समस्या होती है उससे किडनी ख़राब हो जाती है इसलिए इससे बचाव मिलता है।
- शुगर मरीजों को भी ये फायदा पहुँचता है, शरीर के शुगर लेवल को ये कम करता है।
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने में काफी असरदार है।
- इसमें पाया जाने वाला विटामिन ए आपकी आखों के लिए बहुत लाभकारी है।
- यदि सर्दियों में आपकी त्वचा फटती है तो आप पिकन नट्स का सेवन करे जो की आपकी त्वचा में नमी लाता है और स्किन को अच्छा रखता है।
पिकन नट्स के नुकसान-
- इसमें बहुत ज्यादा मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है इसलिए यदि कोई गर्भवती महिला है तो उन्हें पिकन नट्स का सेवन नहीं करना चाहिए।
- फास्फोरस की मात्रा ज्यादा होने के कारण जिन लोगो की किडनी ख़राब हो उन्हें इसका सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए।
- ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से बीपी ज्यादा लौ हो सकता है।
- यदि आप लम्बे समय से किसी दवाई का सेवन कर रहे है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही पिकन नट्स का सेवन करे अन्यथा आपको अलेर्जी हो सकती है।
- अति हर चीज़ की ख़राब होती है इसलिए बहुत अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से बचे।
मूंगफली खाने के अनगिनत फायदे
- जो भी व्यक्ति नियमित रूप से मूंगफली का सेवन करेगा उसको कैंसर होने की संभावना बहुत काम होती है। इसमें एंटी कैंसर प्रॉपर्टीज बहुतायत से है।
- मूंगफली खाने से हड्डियां मजबूत बनती है क्युकी इसमें कैल्सियम प्रचुर मात्रा में है।
- साउथ में बहुत ज्यादा मूंगफली के तेल का ज्यादा सेवन किया जाता है इसीलिए वहां हार्ट पेशेंट बहुत कम संख्या में पाए जाते हैं। मूंगफली के तेल के सेवन से लिपिड संतुलित रहता है और हार्ट की बीमारी नहीं होती।
- मूंगफली बहुत पौष्टिक होती है जो भी इसको खाता है उसमे भरपूर ऊर्जा रहती है। इसमें अंडे से भी ज्यादा प्रोटीन होता है।
- मूंगफली की तासीर गर्म होती है इसीलिए इसका सेवन थोड़ी सिमित मात्रा में जरूर करना चाहिए।
- तिल, मुंग की दाल, मोथ, मसूर को अंकुरित कर ले और इसमें मूंगफली के दाने मिला दे इसके बाद स्वाद के हिसाब से सौंठ, कालीमिर्च, सेंधानमक, टमाटर, गाजर आदि मिला कर इसका नाश्ता करे। इसके 4 से 5 दिन के सेवन से ही आपकी पाचन शक्ति बहुत अच्छी हो जाएगी, आखों की रौशनी तेज होगी जैसे बहुत से फायदे मिलेंगे।
- मूंगफली खाने से आखों की रौशनी भी तेज होती है।
- सर्दियों में मूंगफली का सेवन गुड़ के साथ करना चाहिए जिससे इसके गुण और ज्यादा बढ़ जाती है इससे शरीर के ताकत आती है और कमजोरी दूर होती है और साथ ही पाचन शक्ति तेज होती है।
- यदि आपके शरीर में काफी गर्मी रहती है तो आपको 10 से 15 ग्राम से ज्यादा इसका सेवन नहीं करना चाहिए। यदि आपको मूंगफली बहुत पसंद है लेकिन आपके शरीर में गर्मी है तो मूंगफली सेवन के बाद सौफ खा ले इससे शरीर को नुक्सान नहीं पहुंचेगा।
- रात के समय यदि आप मूंगफली खा रहे है तो कम मात्रा में ही सेवन करे।
- यदि किसी व्यक्ति का खून पतला होती है यानि की चोट लगने पर खून का थक्का नहीं बनता तो मूंगफली का सेवन करने से खून का थक्का बनने लगता है।
- जो व्यक्ति नियमित इसका सेवन करे तो इससे शुगर होने की सम्भावना कम हो जाती है।
- दाँतों के लिए भी मूंगफली का सेवन अच्छा रहता है।
- मूंगफली खाने के बाद पानी न पिए उससे खासी होने की सम्भावना होती है।

मूंगफली खाने के नुक्सान
- मूंगफली की तासीर गरम होती है इसीलिए यदि आपके शरीर में गर्मी रहती है तो इसका ज्यादा सेवन शरीर में कब्ज पैदा कर सकता है।
- गर्मियों के समय इसका सेवन करने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है।
- मूंगफली के लाल छिलके गले में फास जाते है जिससे खासी की समस्या हो सकती है।
- मूंगफली खाने के तुरंत बाद ही प्यास लगती है और पानी पीने से खासी हो जाती है।
- लोग रात को खाना खाने के बाद इसका सेवन करते है देर रात सेवन करने से शरीर को हानि भी हो सकती है।
तो ये थे मूंगफली के बहुत से फायदे और नुक्सान यदि आपको हमारा ब्लॉग अच्छा लगा हो तो कमेंट करके जरूर बताये और ऐसे ही ब्लोग्स के लिए जुड़े रहिये कही अनकही बातो से।
हल्दी के पत्तो के बेमिसाल फायदे [Unique Benefits of Turmeric Leaves in Hindi]
- पीलिया जब किसी को हो जाता है तो सबसे पहले हल्दी खाने पर रोक लगा दी जाती है लेकिन हल्दी के पत्तों का सेवन पीलिया में किया जाता है जो की बीमारी में जल्दी आराम देंगे। इसका उपयोग करने के लिए सबसे पहले हल्दी के पत्तो को अच्छी तारा हदो कर साफ़ कर ले और इसे पानी में उबाल ले जब पानी का रंग पीला हो जाए तो इसे छान ले अब इस पानी को दिन में एक बार पिए, इससे आपका पीलिया जल्दी ठीक होगा।
- जिसके पेट में कीड़े होते है और लम्बे समय से सही नहीं हो रहे उनके लिए हल्दी के पत्ते बहुत लाभ दायक होते है। हल्दी के पत्तो का उपयोग करने से पहले ध्यान रहे उससे अच्छे से धो ले ताकि उस पर लगे कीड़े हट जाये।

- हल्दीके पत्तो का सेवन अचार के तौर पर भी किया जा सकता है।
- हल्दी के पत्तो को तवे पर सेक ले और इन पत्तो को हलकी गरम रोटी पर लगाकर चोट वाली जगह पर बांध ले इससे आपका घाव भी जल्दी भर जायेगा और दर्द में भी आराम मिलेगा। क्युकी इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण है जो की घाव को बढ़ने नहीं देगी।
- हल्दी के पत्तों का लेप बनाकर चेहरे पर लगाने से चहरे के कील मुहसो से जल्दी छुटकारा मिल सकता है।i
- हल्दी के पत्तों को पानी में अच्छे से उबाल लेने पर छान ले और 10 एम् एल पानी में काला नमक मिला ले और इसका सेवन करे इससे शरीर की पाचन सम्बंधित समस्या हल होती है और पाचन क्रिया अच्छी होती है।
- हल्दी के पत्तो की सब्जियां बनाकर भी सेवन किया जा सकता है।
- हल्दी के पत्तो का सेवन करने से खून भी साफ़ होता है।
- हल्दी के पत्तों की तासीर गरम मानी जाती है इसीलिए यदि आपको सर्दी जुखाम है तो उसमे भी आराम पहुँचता है।
- इन सब फायदों के आलावा ये कैंसर, शुगर, बीपी जैसी बिमारियों में भी आराम मिलता है।
- आपको यदि किसी जेहरीले जानवर जैसे बिच्छू, सांप आदि ने काट लिया है तो इसमें भी तुलसी के पत्तों का सेवन और लेप किया जाता है।
- इसके पत्तों का उपयोग त्वचा को गोरा करने के लिए भी किया जाता है।
- अर्थराइटिस और घटिया जैसी बीमारी में भी ये काफी लाभ मिलता है।
- यदि आप सुबह खाली पेट हल्दी के पत्तियों का पानी पिए तो ये वजन घटने में भी मदद करता है।
- चाय में आप हल्दी के पत्तों को डालकर तुलसी के पत्तों के स्थान पर स्तेमाल कर सकते है जिससे चाय का स्वाद भी काफी बढ़ जाता है।

हल्दी को एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक कहा जाता है जिसमे ढेरो औषधीय गुण होने के साथ साथ इसकी तासीर गरम बताई गयी है इसीलिए इसका ज्यादा इस्तेमाल पेट के लिए सही नहीं नहीं है। इसलिए इसका कम ही इस्तेमाल करे क्युकि ये पेट में जलन, उलटी, दस्त और किडनी में पथरी जैसी समस्या इससे हो सकती है। इसीलिए इसके फायदे तो बहुत है लेकिन इसका इस्तेमाल कम मात्रा में करे ज्यादा मात्रा में इसका सेवन ना करे। एक दिन में लगभग आप 3 ग्राम हल्दी का सेवन कर सकते है इससे ज्यादा हल्दी नुक्सान पहुंचा सकती है। और एक बात का और ध्यान रहे की किडनी के मरीज को हल्दी का सेवन नहीं करना चाहिए।
सौफ के खाने के फायदे, उपयोग और विधि
- जब भी हम खाना खाते है तो खाने के बीच में मौजूद हवा हमारे पेट में चली जाती है और गैस एसिडिटी की समस्या पैदा हो जाती है इस समस्या का समाधान आप चाहते है तो आप सौफ का सेवन कर सकते है। खाने में मिर्ची ज्यादा होने के बाद हमें कभी कभी खट्टी डकारे आती है इन खट्टी डकारों को रोकने के लिए सौफ का सेवन किया जा सकता है।
- इसमें बहुत से फाइबर्स होते है जो हमारे पाचन को सुधरता है।
- शरीर में फांसी गैस को बहार निकलने में सौफ मदद करती है।
- ये पंचन तंत्र को अच्छा करती है जिससे गैस और एसिडिटी नहीं होती और खाना जल्दी पांच जाता है।
- शरीर में हो रही ब्लोटिंग की समस्या को दूर करने में मदद करता है।
- छाती में हो रही जलन को काम करके में भी असरदार है।
- पेट में दर्द यदि हो तो इससे वो भी सही हो जाता है।

- ऐसा भी कहा जाता है की यदि आप पानी में भिगो कर राखी सौफ खाते है तो इससे यादश्त भी तेज होती है।
- मुँह में यदि छाले है तो एक चम्मच सौफ में यदि मिश्री मिलकर खायी जाये तो मुँह के चालों में भी आराम मिलता है।
- इसमें विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है जिससे त्वचा को भी अच्छी रखने में मदद करता है।
- सौफ बेड कोलेस्ट्रॉल को काम करता है जिससे हृदय सम्बन्धी बीमारी नहीं होती।
- यदि किसी के शरीर में ज्यादा गर्मी रहती है और पीरियड्स नियमित नहीं आते वो भी इसका सेवन कर सकता है क्युकी इसकी तासीर ठंडी होती है।
- ये एक मोथ्फ्रेश्नर की तरह भी काम करता है खाना खाने के बाद इसके सेवन से मुँह से बदबू नहीं आती।
- इसमें फाइबर की भी प्रचुर मात्रा होती है जिससे ये वजन घटने में भी मदद करता है।
- सौफ आखों की ज्योति बढ़ने में भी मदद मिलती है।
- मिश्री और सौफ साथ में खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा भी बढ़ती है।
- साथ ही सौफ का पानी खली पेट पीने से ब्लड प्रेशर भी सही रहता है।
- खून को साफ़ करने में भी सौफ काफी असरदार है।
- शरीर में शुगर की मात्रा को ये बढ़ने नहीं देता इसीलिए ये शुगर के मरीजों के लिए भी अच्छा रहता है।
- छोटे बच्चो को पानी में सौफ उबाल कर ये पानी पिलाने से पतले दस्त बंद हो जाते है।
- सौफ के बीज में एक हार्मोन होता है जो की बालों को मजबूत बनता है।
सौफ का सेवन कैसे करे?
- सौफ का उपयोग अचार और सब्जी में स्वाद बढ़ने के जरिये भी किया जा सकता है।
- सौफ का पानी खली पेट पानी में भिगो कर किया जा सकता है।
- सौफ का सेवन मिश्री के साथ किया जासकता है।
- सौफ को सेक कर व पीस कर सलाद और फलों के साथ भी खाया जा सकता है।

सौफ खाने के नुकसान
- सौफ की तासीर ठंडी होती है इसलिए यदि हम ज्यादा मात्रा में सौफ खाएंगे तो हमें जुखाम की समस्या हो सकती है।
- यदि हम किसी भी दवाई का सेवन कर रहे है तो उसके साथ सौफ का सेवन नहीं करना चाहिए।
- लगातार सौफ का सेवन करने से खून पतला हो जाता है जिससे बीपी लौ होने की समस्या हो सकती है।
- जिन महिलाओ को बच्चे दानी में गाठ है उन्हें सौफ का सेवन नहीं करना चाहिए।
- गर्भवती महिलाओ को डॉक्टर की सलाह से सौफ का सेवन करना चाहिए।
- यदि आपको सनबर्न की समस्या है उन्हें सौफ का सेवन नहीं करना चाहिए।
लेमन ग्रास के फायदे
- लेमन ग्रास का सेवन करने से ये कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है जिससे हार्ट को फायदा मिलता है।
- इसका सेवन वजन घटने में भी किया जाता है जिन लोगो का वजन एक जगह आकर रुक गया है वो इसका सेवन कर सकते है।
- ये शुगर को भी कंट्रोल करने में मदद करता है।
- जिनका खून गाड़ा होता है उनका खून पतला करने में मदद करता है।
- इसके आलावा यदि हम लेमन ग्रास की चाय का नियमित सेवन करे तो ये हमारे मुँह में पैदा होने वाले जर्म्स, कैविटी को रोकता है।
- लेमन ग्रास में आयरन की मात्रा भी ज्यादा होती है जो रेड ब्लड सेल्स बनाने में यानी लाल खून बनाने में मदद करता है।
- ये ब्लड प्रेस्सुर को कण्ट्रोल करता है। इसमें पोटैशियम की मात्रा अच्छी होती है जो की ब्लड सर्कुलेशन को अच्छा करता है।
- लेमन ग्रास की तासीर ठंडी होती है जिस कारण इसका सेवन करने से पेट ठंडा रहता है जिससे डाइजेशन भी अच्छा रहता है।
- लेमन ग्रास के कारण हमारी आंतो का मूवमेंट होता है जिससे अल्सर, ब्लोटिंग, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं को दूर करता है।
- इसमें मूत्रवर्धक गुण होता है जिसमे आपको बार बार टॉयलेट करने जाना पड़ेगा जिससे आपकी किडनी एक दम स्वस्थ हो जाएगी जिससे पथरी की समस्या नहीं होगी।
- लेमन ग्रास और इसके तेल में एंटी कैंसर गुण भी है जो कैंसर के खात्मा में मदद करते है।
- इसमें एंटी बक्टेरिल, एंटी फंगल गुण पाए जाते है जो की इन्फेक्शन को रोकता है।
- यदि आपको रात को नींद नहीं आती तो इसका सेडक्टिव गुण अच्छी नींद लेने में मदद करता है।
- घटिया बाय में लेमन ग्रास की तेल से मसाज करने में आराम मिलता है।
- ये पिम्पल्स को भी सही करने में मदद करता है।

लेमन ग्रास का सेवन कैसे करे?
- लेमन ग्रास का मार्किट में पाउडर मिलता है इसका डायरेक्ट सेवन किया जा सकता है।
- यदि आप ताजा लेमन ग्रास का सेवन करना चाहते है तो आप इसकी पत्तियों को काटकर पानी में 5 मिनट तक उबाल ले और छान कर पी ले। ये चाय आपके लिए बहुत अच्छी होगी।
- इसके आलावा लेमन ग्रास का तेल भी निकला जा सकता है जिसकी 2 से 3 बुँदे भी काफी रहती है। इसके तेल का उपयोग ब्यूटी प्रोडक्ट्स के साथ साथ दवा के रूप में भी किया जाता है।
- यदि आप नॉन वेजीटेरियन है तो थोड़ा सा फ्रेश लेमन ग्रास उसमे डाल कर भी नॉन वेज का टास्ते बढ़ा सकते है।
- आप लेमन ग्रास का सूप बनाकर भी सेवन कर सकते है।
- खाने में निम्बू के छिलको की जगह लेमन ग्रास का उपयोग किया जा सकता है।

लेमन ग्रास के कुछ नुक्सान
- यदि आप ज्यादा मात्रा में लेमन ग्रास का सेवन कर लेंगे तो इससे चक्कर भी आ सकते है।
- अति हर चीज़ की हानिकारक है उसी प्रकार यदि आप ज्यादा सेवन करे तो इससे भूख भी बढ़ सकती है।
- ज्यादा खाने से बार बार टॉयलेट आने और थकान की समस्या हो सकती है।
- कई बार इसके सेवन से त्वचा पर जलन और रेशेस हो सकते है।
- यदि इसका रास आखों में चला जाए तो आखों में जलन हो सकती है जो की जल्दी ठीक नहीं होती।
- यदि आपको कोई स्वस्थ्य समस्या है तो डॉक्टर की सलाह से ही इसका सेवन करे।
हमने आपके सामने लेमन ग्रास के फायदे, नुक्सान और उपयोग सम्बंधित सभी जानकरी साझा कर दी है इसके आलावा लेमन ग्रास की एरोमा थेरपी भी आज कल प्रचलन में है। तो यदि आपको हमारा ब्लॉग अच्छा लगा तो कमेंट करके जरूर बताये।
तुलसी के बीज के फायदे ( Tulsi Seeds Ke Fayde in Hindi)
- तुलसी के बीज का ड्रिंक का सेवन करना हमारे डाइजेशन को सही करता है और कब्ज की समस्या को सुधरता है।
- हमारी बॉडी की ग्रोथ में मदद करता है।
- हमारी हेल्थ को अच्छा रखता है और एसिडिटी को कम करता है जिससे गैस की समस्या नहीं होती।
- अगर इंफ्लमैशन की समस्या है तो उसे दूर करने में मदद करता है।

- वजन घटने में मदद करता है।
- इसमें अछि मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो की पेट को भरा भरा रखता है जिससे ज्यादा भूख नहीं लगती।
- जब हम सब्जा के बीज को भिगोते है तो इसके ऊपर सफ़ेद रंग की परत आ जाती है जो हमारे भूख को कम करती है।
- ये एक प्राकर्तिक डेटोक्सिफ्यिंग एजेंट है जो शरीर को साफ़ करने में मदद करता है शरीर में जमे पुराने से पुराने मल को निकाल देता है।
- इसके आलावा ये ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रण में रखता है।
- यदि सब्जा के बीज को नारियल पानी या फिर पानी में भिगोकर ले तो इससे बॉडी हाइड्रेटेड रहती है।
- इसकी तासीर ठंडी होती है तो इसका सेवन करने से ये शरीर को ठंडक पहुँचता है।
- अगर आपको पेशाब में जलन है या फिर रुक रुक कर आपको पेशाब आ रहा है तो आप इसका सेवन कर सकते है।
- ये शरीर को मजबूती प्रदान करता है और ये त्वचा और बालो के लिए भी इसे काफी अच्छा बताया गया है।
- साथ ही अगर कोई स्ट्रेस है तो उसे भी कम करने में मदद करता है।
तुलसी के बीज या सब्जा के बीज का सेवन कैसे करे?
- सबसे पहले तो इसका सेवन आप साधारण पानी या फिर नारियल के पानी में भिगोकर भी इसका सेवन कर सकते है। ध्यान रहे जितनी आप सब्जा के बीज ले रहे है उसका 30 गुना पानी मिलाकर उसका सेवन करे।
- इसका सेवन आप सब्जा बीज की ड्रिंक बनाकर भी कर सकते है। इसकी ड्रिंक बनाने के लिए 2 चम्मच सब्जा के बीज को एक कप पानी में भिगोकर रख दे और इसमें अगर आपकी इच्छा हो तो शहद या फिर निम्बू का रस या पुदीना के पत्ते डाल के रख दे और 10 से 15 मिनट बाद ये फूल जायेंगे। अब इसका उपयोग आप सदा पानी या फिर नारियल के पानी के साथ कर सकते है।
- कई लोग सब्जी में जीरा, राई के साथ सब्जा के बीज डाल कर भी इसका तड़का लगते है जिससे खाना पचने में आसानी होती है।
- आपने देखा होगा बहुत से अचारों में जैसे कैरी के अचार, लेसवे के अचार में भी सब्जा के बीजो का उपयोग किया जाता है।

सब्जा के बीज का सेवन कब करना चाहिए ?
कम से कम दिन में 3 बार सब्जा के बीज का सेवन करे। अगर आप रोज ये ड्रिंक लेते है तो आपको इससे बहुत सारे फायदे मिलेंगे। एक बार सुबह उठते ही खली पेट या फिर एक्सरसाइज करने से तुरंत पहले , दूसरा शाम के समय और तीसरा रात के समय इसका सेवन बहुत लाभदायक है।
सब्जा के बीज खाते समय ध्यान रखने योग्य बाते :-
- जब भी आप सब्जा के बीज का सेवन कर रहे है तो ध्यान रहे इसकी मात्रा कम हो ज्यादा मात्रा में इसका सेवन ना करे क्युकी इसमें फाइबर भरी मात्रा में पाया जाता है। मात्र एक चम्मच ही एक कप में भिगो दे जिसे पुरे दिन आप इस्तेमाल कर सकते है।
- लगातार इसका सेवन ना करे। मतलब आपने इसका सेवन यदि लगातार 10 से 15 दिनों तक कर लिया तो उसके बाद थोड़े दिन का विराम दे फिर पुनः इसका सेवन कर सकते है।
- इसकी तासीर ठंडी होती है इसीलिए सर्दियों में मौसम में इसका ज्यादा सेवन ना करे और रात के समय सर्दियों में इसका सेवन बिलकुल ना करे नहीं तो कफ की समस्या हो सकती है।
- छोटे बच्चो को इसका सेवन ना कराये क्युकी यदि वो इसे निगल नहीं पाएंगे तो उलटी की समस्या हो सकती है।
- प्रेगनेंट महिलाओ को भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए बिना डॉक्टर की सलाह के।
FAQ’s-
Q.1- पिकन नट्स कहा मिलता है?
उत्तर– पिकन नट्स आपको आपकी सिटी की किसी भी ड्राई फ्रूट वाली दूकान पर मिल सकता है और आप चाहे तो ऑनलाइन भी आपको ये मिल सकता है।
Q.2- पिकन नट्स कितने रूपए में मिलते है?
उत्तर- पिकन नट्स का बाजार में मूल्य करीब 1100 से 1200 रूपए में आपको 1 किलो मिल जायेंगे।
Q.3- पिकन नट्स बच्चों को खिलाये जा सकते है क्या?
उत्तर– हां, पिकन नट्स बच्चों को खिलाये जा सकते है पर ध्यान रहे ज्यादा मात्रा में बच्चों को ना दे।
Q.4- क्या पिकन नट्स को कच्चा खाया जा सकता है?
उत्तर– हां, पिकन नट्स को कच्चा खाया जा सकता है लेकिन आप इसको यदि पका कर खाये तो आपको अच्छे हेल्थ बेनिफिट मिल सकते है।
Q.5- क्या पिकन नट्स और अखरोट एक ही है?
उत्तर– नहीं, पिकन नट्स और अखरोट दोनों अलग अलग ड्राई फ्रूट है, दोनों दिखने में तो बिलकुल एक जैसे नजर आते है पर इनका स्वाद और गुण बिलकुल अलग है।
Q.6- क्या मूंगफली खाने से खासी होती है?
उत्तर– कई बार जब हम मूंगफली का सेवन करते है तो उसका छिलका यानी की जो लाल परत होती है वो गले में चिपक जाती है उससे खासी होने की सम्भावना होती है तो यदि बार बार आपको खासी हो रही है तो मूंगफली का छिलका उतार कर खाये। या फिर मूंगफली खाने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने से भी खासी हो जाती है तो ये चीज़े करना अवॉयड करना चाहिए।
Q.7- एक दिन में कितनी मूंगफली खायी जा सकती है?
उत्तर– एक दिन में 50 से 100 ग्राम तक मूंगफली खायी जा सकती है। इससे ज्यादा खाने पर आपके शरीर को नुक्सान पहुंच सकता है क्युकी इसकी तासीर गर्म होती है।
Q.8- जिनके शरीर में गर्मी रहती है उन्हें कितनी मूंगफली का सेवन करना चाहिए?
उत्तर- जिनके शरीर में गर्मी रहती है उन्हें सिर्फ 10 से 15 ग्राम ही सेवन करना चाहिए इससे ज्यादा मूंगफली का सेवन नहीं करना चाहिए।
Q.9- मूंगफली की तासीर कैसी होती है?
उत्तर– मूंगफली की तासीर गरम होती है
Q.10- हल्दी के पत्ते खाने के क्या फायदे है?
उत्तर– हल्दी के पत्ते एक बहुत अचे एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते है। इसके सेवन से ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिलती है, कोलेस्ट्रॉल कम होता है, सूजन की समस्या सही होती है, खासी जुखाम जैसी बीमारी में आराम मिलता है, त्वचा में निखार आता है और जोड़ो के दर्द, घटिया के दर्द में भी आराम मिलता है।
Q.11- हल्दी के पत्ते खाने के नुक्सान क्या क्या है?
उत्तर- हल्दी के पत्तो की तासीर गरम होती है इसीलिए इसके ज्यादा सेवन से पेट में गर्मी की समस्या के साथ साथ उलटी, दस्त, जलन और किडनी सम्बन्धी बीमारियां जैसे पथरी तक की समस्या हो सकती है इसलिए बहुत ज्यादा मात्रा में भी इसका सेवन नुक्सान पंहुचा सकता है।
Q.12- एक दिन में कितनी हल्दी का सेवन करना चाहिए?
उत्तर- एक दिन में लगभग 3 ग्राम हल्दी का सेवन ही करना चाहिए उससे ज्यादा हल्दी का सेवन शरीर को नुक्सान पंहुचा सकता है।
Q.13- हल्दी के पत्ते किसके लिए सबसे अच्छे होते है?
उत्तर- जिन लोगो के पीलिया हो रखा है और पेट के कीड़े काफी लम्बे समय से अलग अलग दवाई लेने के बाद भी सही नहीं हो रहे उन लोगो को हल्दी के पत्तो का सेवन करना चाहिए।
Q.14 हल्दी के पत्तो का उपयोग कैसे करना चाहिए?
उत्तर- हल्दी के पत्तो का उपयोग करने के लिए इन्हे सबसे पहले अच्छे से धो कर साफ़ कर के ही हमेशा उपयोग करे उसके बाद इसे गरम पानी में उबाल ले ताकि यदि कोई कीड़ा इसमें रह जायेगा तो वो भी मर जायेगा और इसके बाद इसे छान कर इसके पानी का डायरेक्ट आप सेवन कर सकते है या फिर हल्दी के पत्तो की सब्जी भी बनायीं जाती है जो भी बहुत स्वाद होती है।
Q.15- खाना खाने के बाद सौफ क्यों खायी जाती है?
उत्तर- खाने के बाद सौफ का सेवन करने से मुँह से बदबू नहीं आती और यदि पेट में एसिडिटी और गैस की समस्या हो तो वो भी नहीं होती। साथ ही सौफ खाने से खाना जल्दी पच जाता है।
Q.16- सुबह खली पेट सौफ का पानी पीने से क्या फायदे होते है?
उत्तर- सौफ का पानी पीने से वजन कम करने के लिए, डायजेशन अच्छा करने के लिए, गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में, आखों की रौशनी बढ़ने में और ब्लड प्रेशर सही रखने में मदद करता है।
Q.17- सौफ खाने का सही समय क्या है?
उत्तर- सौफ खाने का सबसे अच्छा समय है सुबह खली पेट इसके पानी को पीने से शरीर की बहुत सी बीमारियां हल हो जाती है। इसके आलावा आप खाना खाने के बाद भी इसका सेवन कर सकते है जिससे मुँह से बदबू नहीं आती।
Q.18- सौफ खाने के क्या नुकसान है?
उत्तर– ज्यादा सौफ खाने से जुखाम होने, छीके आने, अलेर्जी होने, खून पतला होने की समस्या हो सकती है। इसलिए ज्यादा मात्रा में सौफ का सेवन ना करे, इसके आलावा गर्भवती महिलाओ को चिकित्सक के परामर्श के बाद ही सौफ का सेवन करना चाहिए।
Q.19- सौफ का सेवन किस किस तरह से किया जा सकता है?
उत्तर- सौफ का सेवन गर्म पानी में उबाल कर, पानी में भिगो कर, अचार और सब्जी में डालकर या फिर मिश्री के साथ सौफ को मिलाकर भी किया जा सकता है।
Q.20- क्या सौफ खून बढ़ने में मदद करती है?
उत्तर– हा, सौफ का सेवन खून बढ़ने के लिए भी किया जाता है। रात को एक गिलास पानी में सौफ भिगो कर रख दे और सुबह इस पानी को छानकर या तो ठंडा पी ले या फिर गुनगुना करके पी ले इससे शरीर में ताकत अति है और खून बढ़ता है।
Q.21 लेमन ग्रस्स को हिंदी में क्या कहते है?
उत्तर– लेमन ग्रास को हिंदी में निम्बू घास कहते है।
Q.22- लेमन ग्रास पीने के क्या क्या फायदे है?
उत्तर- वैसे तो लेमन ग्रास के अनगिनत फायदे है पर कुछ ऐसे ख़ास फायदे है जैसे ये शुगर को कम करने में मदद करता है। मोटापे की समस्या, कील मुहासे, घटिया बाय, हार्ट की बीमारी, बी पि की समस्या, कब्ज, ब्लॉटिंग, अपच, अल्सर, पायरिया, मुँह से बदबू आना जैसी बिमारियों से आराम पहुँचता है।
Q.23- लेमन ग्रास का उपयोग कैसे किया है?
उत्तर- लेमन ग्रास का कई तरह से उपयोग किया जा सकता है पर विशेष तौर पर लेमन ग्रास की चाय बहुत फायदेमंद रहती है, इसके आलावा इसके तेल का उपयोग भी काफी असरदार रहता है।
Q.24- क्या हमें रोज लेमन ग्रास की चाय पीनी चाहिए?
उत्तर- हां यदि आप वजन घटना चाहता है और अपना डाइजेस्टिव अच्छा करना चाहते है तो आप रोज लेमनग्रास की चाय का सेवन कर सकते है। पर ध्यान रहे इसके सेवन से ज्यादा टॉयलेट आता है तो घबराये ना ये शरीर की गन्दगी को बहार निकालने में मदद करता है।
Q.25- लेमन ग्रास कितने की मिलती है?
उत्तर- लेमन ग्रास यदि आप ताज़ा खरीदना चाहते है तो करीब 1 किलो लेमन ग्रास आपको 1300 से 1400 रूपए प्रति किलो के हिसाब से मिलेगी। इसके आलावा लेमन ग्रास की चाय और पाउडर, तेल भी सस्ते दामों में मार्किट में उपलब्ध है।
Q.26-क्या चिया सीड्स और सब्जा सीड्स एक ही है?
उत्तर – नहीं चिया सीड्स और सब्जा सीड्स दोनों अलग अलग है। चिया सीड्स का उपयोग कच्चा भी किया जा सकता है जबकि बेसिल सीड्स यानि सब्जा के बीज का उपयोग भिगोकर ही किया जा सकता है। चिया सीड्स में अच्छी मात्रा में ओमेगा 3 और ओमेगा 6 पाया जाता है जबकि बेसिल सीड्स में ओमेगा नहीं पाया जाता। बेसिल सीड्स की तासीर ठंडी होती है लेकिन चिया सीड्स की नहीं । इसलिए दोनों में काफी फर्क है।
Q.27- सब्जा के बीज खाने के क्या फायदे है?
उत्तर– सब्जा के बीज के बहुत सरे फायदे है जैसे ये वजन घटने में मदद करता है, कब्ज की समस्या हल करता है, सूजन को कम करता है, इसकी तासीर ठंडी होती है इसलिए शरीर को ठंडक पहुँचता है, गैस , एसिडिटी की समस्या को रोकता है, त्वचा में निखार लता है और बालो की ग्रोथ में मदद करता है इत्यादि।
Q.28- सब्जा के क्या साइड इफ़ेक्ट है?
उत्तर– सब्जा की तासीर ठंडी होती है इसीलिए इसका ज्यादा मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए यदि ऐसा किया तो इसे कफ आदि की समस्या पैदा हो सकती है और साथ ही कब्ज भी हो सकता है इसलिए सही और कम मात्रा में ही इसका सेवन करे।
Q.29- क्या हमें रोज सब्जा के बीज खाने चाहिए?
उत्तर– हम रोज सब्जा के बीज का सेवन कर सकते है लेकिन कम मात्रा में आप एक चम्मच सब्जा के बीज को पानी में भिगो दे और उसी को दिन में 3 बार सेवन कर सकते है लेकिन लम्बे समय तक भी इसका सेवन नुकसानदायक हो सकता है इसीलिए 10 से 15 दिन सेवन करने के बाद कुछ दिन का गेप देकर फिर चालू करे लगातार ही सेवन ना करे।
Q.30- सब्जा को हिंदी में और क्या बोलते है ?
उत्तर– सब्जा के बीज को तुलसी बीज, मरुआ, हरियाली बीज, हरी घास कहा जाता है।
Q.31- सब्जा को इंग्लिश में क्या बोलते है?
उत्तर– सब्जा को इंग्लिश में बेसिल सीड्स, तुकमारिया सीड्स, बापजी सीड्स कहते है।
Q.32- क्या तुलसी के बीज और सब्जा बीज एक ही है?
उत्तर– हा तुलसी के बीजो को ही सब्जा के बीज कहा जाता है, यह शरीर को बहुत फायदा पहुंचते है साथ ही ये पोषक तत्वों से भरपूर है जिसमे फाइबर की प्रचुर मात्रा पायी जाती है।
Disclaimer: ऊपर दी गयी सारी जानकारी सामनाये मान्यता के उप्पर आधारित है kahiankhaibaate इस बात की कोई भी पुष्टि नहीं करता है और किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले अपने संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें
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