इस ब्लॉग में हम बायेंगे की कैसे रोज खाये जाने वाली सब्जिया, फूड्स, से क्या फायदे होते है और इस ब्लॉग में हमने सम्पूर्ण जानकारी दी गयी है जैसे की Rozana Khaye Jaane Wale Foods Ke Fayde: Palak, Paneer, Dahi Aur Karele Ka Sach.
पालक खाने के फायदे
- पालक का सेवन खून बढ़ाने के लिए किया जाता है क्युकी इसमें आयरन, फ्लॉएड और आइरन की काफी मात्रा होती है।
- पालक में विटामिन सी की मात्रा अच्छी होती है जो की हमारी स्किन को अच्छा रखने में मदद करता है।
- पालक में नुट्रिशन की अच्छी मात्रा और कैलोरीज की मात्रा कम होती है। यदि आप एक दिन में 100 ग्राम पालक खाएंगे तो 20 से 25 मिलीग्राम कैलोरीज मिलती है।
- 100 ग्राम पालक से आपको विटामिन्स की भरपूर मात्रा जैसे विटामिन ए , विटामिन सी, विटामिन के1, फोलेट, विटामिन इ इन सभी की अच्छी मात्रा मिल जाती है।
- 100 ग्राम पालक से भरपूर मिनरल्स जैसे मैग्नेशियम, आयरन, पोटासियम, कैल्सियम, फास्फोरस मिल जाते है।
- प्रोटीन, फाइबर, की भी पूर्ती आपको पालक कर देता है।
- पालक में बहुत अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते है जो हमें छोटी मोटी बिमारियों से बीमार होने से बचाते है।
- पालक हमारे हृदय के लिए भी काफी अच्छा होता है क्युकी इसमें नाइट्रेट्स की अच्छी मात्रा है। नाइट्रेट्स हमारे शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनाते है जो की बीपी को कण्ट्रोल करने, दिल को शांत रखने, दिल को धड़कने की क्षमता को अच्छा रखता है।
- पालक का सेवन वजन घटाने के लिए भी किया जाता है क्युकी इसमें कैलोरीज की मात्रा बहुत कम है। पालक फ़ूड क्रेविंग को रोकता है, स्किन में टाइटनेस लाता है और माशपेशियों को अच्छा रखने में मदद करता है।
- पालक का सेवन हड्डियों को मजबूती देने और दाँतों को अच्छा रखने में भी मदद करता है। क्युकी इसमें पाया जाने वाला विटामिन सी और कैल्सियम हमारी हड्डियों को मजबूती देने में सहायक है।
- पालक आंतो के लिए भी अच्छा रहता है क्युकी इसमें पाया जाने वाला फाइबर आंतो में नहीं जाता। इससे कब्ज, दस्त और अल्सर जैसी समस्या को दूर रखता है।
- डाइबिटीस के मरीजों के लिए पालक काफी ज्यादा लाभदायक है। ऐसा देखा गया है की जप लोग पालक का नियमित सेवन करते है उनमे शुगर की समस्या कम रहती है।

- चमकदार त्वचा के लिए भी पालक बहुत ज्यादा फायदेमंद है क्युकी इसमें पानी और विटामिन सी की भरपूर मात्रा है। इसमें 80 से 90 प्रतिशत पानी होता है जिससे बॉडी हायड्रेटेड रहती है।
- पालक हमारी आखों की ज्योति बढ़ाने में काफी असरदार है क्युकी इसमें पाया जाने वाला बीटा केरोटीन विटामिन सी में परिवर्तित हो जाता है जो की हमें नाइट ब्लाइंडनेस की बीमारी से बचाता है।
- पालक में एंटीकैंसर गुण है जो की कैंसर होने से बचाता है। फैटी लिवर जो की एक कैंसर की समस्या है तो ये फैटी लिवर की समस्या होने ही नहीं देता।
- पालक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है। यदि हम बीमार भी हो जाये तो शरीर को तुरंत सही होने में मदद करता है।
- एक्सरसाइज करने की क्षमता और ताकत को बढ़ाने में भी पालक बहुत अच्छा होता है।
क्या पालक से पथरी सही होती है?
शरीर में पथरी बनने का मुख्या कारण पानी और विटामिन सी की शरीर में कमी के कारण है। इसीलिए पालक को पका कर खाने से और निम्बू मिलकर खाने से गुर्दे की पथरी सही हो जाती है।
पालक खाने के नुक्सान
- कई लोगो में पालक खाने से स्टोन की समस्या हो जाती है।
- जिन लोगो को पालक से एलेर्जी है उन लोगो को पालक का सेवन नहीं करना चाहिए।
पालक का सेवन किस किस रूप में किया जा सकता है?
पालक का सेवन सूप, सलाद, सब्जी, पालक की सब्जी, दाल पालक और पालक की चटनी के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है।
तो ये थी पालक के बारे में कुछ विशेष जानकारी जिसमे आप जान जायेंगे की पालक को डाइट में शामिल करना कितना ज्यादा जरुरी है। अगर आपको हमारा ब्लॉग अच्छा लगा तो कमेंट करके जरूर बताये और ऐसे ही ब्लोग्स के लिए जुड़े रहिये कही अनकही बातो से।
पनीर खाने के फायदे
- पनीर खाने की रूचि यानी की खाने के स्वाद को बढ़ता है। बड़े ही नहीं छोटे बच्चे भी इसे बड़े चाव से खाते है।
- पनीर उन लोगो को ज्यादा खाना चाहिए जो हैवी खाने को भी अच्छी तरह से पचा लेते है।
- यदि आपका वजन कम है तो वजन बढ़ने के लिए पनीर का सेवन किया जा सकता है।
- पनीर पेट की गर्मी को कम करता है।
- पनीर में कैल्सियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा है इसीलिए जिन्हे जोड़ो और घुटने में दर्द है उनके लिए पनीर एक अमृत के जैसा है।

कच्चा पनीर खाने के फायदे - यदि आप रेगुलर एक्सरसाइज करते है तो पनीर का सेवन जरूर करना चाहिए क्युकी इसमें अच्छा प्रोटीन होता है।
- जिनका खाना जल्दी पच जाता है उन्हें पनीर का सेवन करना चाहिए जिससे जल्दी भूख नहीं लगती।
- इसमें कैल्सियम की अच्छी मात्रा है इसलिए ये दांतो के लिए भी अच्छा रहता है।
- पनीर शरीर की ताकत को बढ़ने में मदद करता है, हड्डियों के लिए भी ये बहुत अच्छा रहता है।
- पनीर खाने से नींद भी अच्छी आती है।
- जिनको दस्त की समस्या रहती है तो उनके लिए पनीर फायदेमंद रहता है।
- छोटे बच्चों के विकास के लिए भी पनीर दिया जा सकता है।
पनीर खाने के नुक्सान
- यदि आप हद से ज्यादा मात्रा में पनीर का सेवन कर लेंगे तो पनीर पचेगा नहीं जिससे कब्जी, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्या हो सकती है।
- पनीर को पचने में बहुत समय लगता है इसलिए रात के समय यदि आप इसे खा लेंगे तो आपको इसे पचने में परेशानी होगी।
- पनीर खाने से कफ बढ़ जाता है इसीलिए जुखाम खासी इससे बढ़ सकती है।
- ज्यादा पनीर खाने से वजन बढ़ने की समस्या हो जाती है।
- जिन लोगो में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है उन्हें पनीर का सेवन करने से जोड़ो में दर्द हो सकता है।
- फैटी लिवर, कोलेस्ट्रॉल, बीपी, डाइबिटीज़, हार्ट प्रॉब्लम जिनको भी रहती है उन्हें पनीर खाने से बचना चाहिए।
- जिन लोगो को कब्ज की समस्या रहती है उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए क्युकी कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।

किन लोगो को पनीर का सेवन नहीं करना चाहिए?
जिन लोगो का कफ बढ़ा हुआ हो, कोलेस्ट्रॉल बढ़ा है, वजन बढ़ा है, जिनका वजन जल्दी बढ़ता है, लिवर फैटी है उन लोगो को पनीर का सेवन नहीं करना चाहिए।
पनीर खाते वक्त सावधानी
- पनीर को घर पर ही बनाये तो ज्यादा अच्छा रहता है बहार का पनीर नुक्सान करता है।
- हमेशा गाय के दूध का ही पनीर बनाये।
- कच्चा पनीर कभी भी नहीं खाना चाहिए क्युकी कच्चे पनीर को पचाने में बहुत समय लगता है।
- तला पनीर और पनीर का पकोड़ा खाने से बचना चाहिए ज्यादा से ज्यादा सब्जी बनाकर ही खाये।
- पनीर की ज्यादा मात्रा का सेवन ना करे जितना आपका शरीर पचा सकता है उतना ही पनीर ही खाये।
- पनीर को 10 दिन में एक या दो बार ही खाये ज्यादा इसका सेवन न करे।
- सूर्यास्त के बाद पनीर न खाये हो सके तो दिन में ही पनीर ही खा ले।
- पनीर के साथ मिठाइयों का सेवन न करे क्युकी दोनों हैवी चीज़ो का सेवन करने से शरीर उन्हें पचा नहीं पायेगा।
- पनीर के साथ छाछ का सेवन किया जा सकता है।
- पनीर के साथ हो सके तो सेंधा नमक का ही सेवन करे।
पनीर घर पर कैसे बनाया जा सकता है?
घर पर पनीर बनाने के लिए सबसे पहले गाय का शुद्ध दूध ले ले और उसे अच्छे से उबाल कर गर्म कर ले। गर्म करने के बाद उसमे निम्बे के रस की कुछ बुँदे डाल कर उसे अच्छे से मिलाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दे। थोड़ी देर बाद आप देखेंगे की दूध फट जायेगा। सूती कपडे की सहायता से उस पनीर को छान ले और बचा हुआ पानी फेक दे। पनीर को अच्छे से बांध कर सूती कपडे में रख दे। करीब आधा घंटे में ही पनीर जैम कर तैयार हो जायेगा।
तो ये थी पनीर से जुडी कुछ विशेष जानकारी अगर आपको हमारा ब्लॉग अच्छा लगा तो कमेंट करके जरूर बताइये और ऐसी ही जानकरी के लिए जुड़े रहिये कही अनकही बातो से।
गर्मियों में दही खाने के फायदे
1.ओस्टोपोरोसिस को रोकने में मदद करता है:- यानि यदि किसे की हड्डिया कमजोर हो गयी है तोह दही का सेवन करना चाहिए क्युकी इसमें अच्छी मात्रा में कैल्सियम, पोटासियम और फास्फोरस होता है, तोह आपको दही खाने से हड्डियां मजबूत होती है, लेकिन यदि आप हार्ट के पेशेंट है स्किम्ड मिल्क का दही ले सकते है।

2.दही हमारे पेट में हो रहे बैक्टीरिया को संतुलित करके रखता है, जिससे कैंसर जैसे बीमारी से बचाव होता है।
3.दही पाचन सकती को बढ़ाता है, इसमें बहुत सरे बैक्टीरिया होते है जो खाने को हजम करने में मदद करता है।
4.शरीर के इम्यून सिस्टम को अच्छा करता है।
5.इसमें कैल्शियम होता है जिसकी वजह से हमारे दांतों को मजबूती मिलती है।
6. वजन घटने में मदद मिलता है क्युकी इससे जल्दी पेट भर जाता है और इसमें कैलोरीज भी काम होती है।
7. स्किन को चमकदार बनाता है, क्युकी इसमें कुछ ऐसे बैक्टीरिया है और इसमें जो एसिड होता है वोह सब हमारे स्किन के सभी बैक्टीरिया को मार देता है, जिससे स्किन स्वस्थ और चमकदार हो जाती है।
8.यह ऐंटीऔक्सीडैंट बहुत होता है।
9. स्किन में हो रहे डार्क स्पॉट को रोकने में मदद करता है।

10.यह हार्ट को हेअल्थी रखने में भी मदद करता है यदि कोलेस्ट्रॉल नहीं है तोह।
11.दही का उपयोग बॉडी को नमी या मॉइस्चराइजर के रूप में भी काम में लिया जाता है। दही में जिंक, विटामिन सी और बहुत से मिनरल्स होते है तोह इसीलिए हमारी बॉडी और स्किन को मॉइस्ट रखता है।
12.ब्लड प्रेशर को काम करता है क्युकी इसमें मैग्नेशियम होता है जो की ब्लड प्रेसर को काम करने में मदद करता है।
13.कोई भी इन्फेक्शन हो जाये तोह उससे बचता है क्युकी इसमें बहुत सरे बैक्टीरिया होते है जो की हैल्थी बैक्टीरिया की गिनती में आते है।
14.दही को प्रो- बायोटिक कहा जाता है, यह है नेचुरल प्रो बायोटिक है।
15.यदि कब्ज हो जाये तो दही से रोकी जा सकती है।
16.यह हमारे शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है, इसलिए गर्मियों में इसका ज्यादा सेवन करना चाहिए।
17.चेहरे पर हो रहे मुहासे को रोकने में मदद करता है।
18. डैंड्रफ को रोकने में मदद करता है।

19. दही बालों का झड़ना काम करता है यदि इसका नियमित सेवन किया जाये तोह।
20.दही एनर्जी प्रोवाइड करता है क्युकी इसमें बहुत सरे मिनरल्स है।
21.लेडीज के वर्जाइना को मॉइस्ट रखने में मदद करता है।
22.दही खाने से भूख कम लगती है, पेट भरा भरा रहता है।
23.यदि दिमाग में कोई मेन्टल स्ट्रेस यही तोह उसको भी काम करने में बहुत मदद करता है।
दही खाते समय इस बात का जरूर ध्यान रखे
1.कभी भी दही को गरम करके ना खाये क्युकी गर्म करने से दही के सारे बक्टेरिया ख़तम हो जाते है । जैसे कड़ी बनाते है या फिर किसे भी ग्रेवी के लिए दही का इस्तेमाल करते है और गरम करते ही उसके सारे गुण ख़तम हो जाते है।
2.दही जब भी जमाते है तोह उसके ऊपर एक पानी की परत आ जाती है उसे कभी भी नहीं फेकना चाहिए उसमे ही सारे पोषक तत्व होते है जो शरीर को बहुत फायदा पहुंचते है।
3. यदि आप हार्ट की बिमारी के मरीज है तोह दही की मलाई कभी भी नहीं खानी चाहिए।
आपको यह सब पढ़कर पता लग गया होगा की दही के अनगिनत फायदे है पर यदि इसका इस्तेमाल हम सही से करे तो। हार्ट पेशेंट को थोड़ा ध्यान से दही का सेवन करना होता है, बाकि इसमें बहुत से पोषक तत्व पाए जाते है। अगर आप ऐसे ही और जानकारी लेना चाहते है तो विजिट करिये हमारी साइट कही अनकही बातो को।
जामुन के पत्तो के फायदे, खाने से होंगे लाभ
- जामुन का काफी ज्यादा लौ ग्लयसीमिक इंडेक्स होता है जो की हमारे ब्लड शुगर लेवल को संतुलित करता है।
- इसमें जेम्बोलिन नमक तत्व होता है जो हमारी इन्सुलिन सेंसिटिविटी को कम करता है इसीलिए शुगर के मरीजों को इसको खाने की सलाह दी जाती है।
- जामुन के पत्तो में जामुन के मुकाबले ज्यादा तत्व और क्लोरोफिल होता है जो की ग्रीन टी जैसे ही काम करता है।
- जामुन के पत्तो में जामुन की तरह जम्बोलिन होता है जो शुगर और हार्ट जैसी बिमारियों से फायदा पहुँचती है।

- जामुन के पत्तो में विटामिन सी, प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्निसियम और पोटासियम जैसे तत्व होते है जो हमें बहुत सी बिमारियों से बचाते है।
- इसके पत्तो में हाई लेवल का एल्कोलाइड होता है जो शुगर को कण्ट्रोल करके रखता है।
- इसमें टेनिन, सेपोनिन, फ़्लवोरनैट जिसके कारन ये एंटी इन्फ्लैमटॉरी, एंटी डायबिटिक, एंटी कैंसर, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण रखता है।
- यदि आपके दाँतों में परेशानी है मुँह से बदबू आती है तो उसमे भी जामुन के पत्ते काफी असरदार होते है।
- जामुन के पत्ते मुँह के छाले के लिए भी असरदार होते है।
- किडनी, स्टोन की समस्या में भी जामुन के पत्तो का उपयोग आयुर्वेद की दवाइयों में इनको सही करने के लिए किया जाता है।
- जामुन के पत्तो सर में होने वाले फोड़े- फुंसियों, चेहरे के दाग और घमोरियों में ये काफी असर दिखते है जिसमे जामुन की पत्तो की चाय बना कर पीने से आराम मिलता है।
- जामुन के पत्तो का उपयोग अल्सर में भी किया जाता है।
- जिन लोगो को बार बार दस्त की समस्या होती है उन लोगो के लिए जामुन के पत्ते राम बाण उपाय है।
- यदि आपके शरीर में पाचन सम्बन्धी समस्या है और ब्लोटिंग की समस्या में भी ये आराम पहुँचता है।
जामुन के पत्तो का सेवन कैसे करे ?
- जामुन के पत्तो को आप कच्चा चबा कर खा सकते है और इनको खाने से पहले ध्यान रहे की पत्ते बिलकुल नया हो क्युकी पुराने पत्तो पर कई छोटे छोटे जानवर अंडा दे देते है जो फायदा पहुंचने की जगह नुक्सान पंहुचा सकते है।
- जामुन के पत्तों का प्रयोग करने से पहले आप इसे धुप में सूखा कर पाउडर बना कर पुरे साल भी रख सकते है। ध्यान रहे की इस पाउडर को दिन में सिर्फ 1 बार एक चाय की चम्मच के बराबर ही ले ज्यादा ना ले।
- जामुन के पत्तो की चाय बनाकर या फिर कड़ा बनाकर इसका सेवन किया जा सकता है।
- जामुन के पत्तो को अच्छे से उबाल कर चटनी बना कर भी सेवन किया जा सकता है।
- सुबह ब्रश करने के बाद 2 से 3 चुटकी जामुन के पाउडर को दाँतों पर रगड़कर कुल्ला कर ले इससे दातों की परेशानी और मुँह की बदबू सही हो जाएगी।
- यदि आपको पथरी में ज्यादा दर्द हो रहा है तो आप जामुन के 7 से 8 पत्तो को पानी में अच्छे से उबाल ले और उबाल के छान ले। इसको छानने के बाद अच्छे से बारीक चटनी बना ले और इस चटनी में काली मिर्ची मिला ले और ये थोड़ा थोड़ा लेकर गुनगुने पानी के साथ ले। अब इस काढ़े का सेवन एक दिन छोड़कर एक दिन करे जिससे पथरी के दर्द में आराम मिलेगा।
- सर में फुंसियां है और चेहरे पर फुंसियां है तो इसके पत्तो को पानी में उबाल ले और इस पानी को ठंडा करके इसके पानी से बाल और चेहरा धोने पर आराम मिलता है।

जामुन के पत्तो का सेवन करने से पहले क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
- जामुन के पत्तो का पाउडर यदि आप इस्तेमाल कर रहे थे 1 छोटी चम्मच से ज्यादा इस्तेमाल ना करे नहीं तो आपको एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
- जामुन के पत्तों का पाउडर का सेवन खाली पेट ना करे। क्युकी खली पेट सेवन करने से गैस की समस्या हो सकती है।
- पत्तो को अच्छे से धो कर और उबाल कर ही उपयोग करे।
जामुन के पत्तो के नुक्सान क्या है?
- यदि हम ज्यादा मात्रा में जामुन के पत्तो का सेवन कर ले तो ये हमारे शरीर को नुक्सान भी पंहुचा सकता है क्युकी ये ब्लड शुगर लेवल को कम करता है और यदि हम इसका ज्यादा इस्तेमाल करे तो इससे शुगर लेवल बहुत ज्यादा कम भी हो सकते है।
- इसके ज्यादा इस्तेमाल से बीपी लौ की समस्या हो सकती है।
- खली पेट कभी भी जामुन का पत्ता और पाउडर का सेवन बिलकुल नहीं करना क्युकी इससे एसिडिटी और गैस की समस्या हो सकती है।
करेले के ज्यूस के फायदे, क्यों शुगर की बीमारी में होता है फायदा
| क्र सं | तत्व | करेले के जूस के फायदे |
| 1. | चिरंटीन | ये केमिकल करेले में पाया जाता है जो शरीर में घुलते ही ब्लड शुगर लेवल को तुरंत ही कम कर देता है। |
| 2. | लेक्टिंस | ये करेले में पाया जाने वाला ऐसा तत्व है जो इन्सुलिन की तरह काम करता है जो की शुगर को कम करता है। |
| 3. | पॉलीपेप्टाइड- पि | ये शरीर में प्लांट बेस्ड इन्सुलिन की पूर्ती करता है। जिससे शरीर में शुगर लेवल्स एक दम से नहीं बढ़ते है। |
| 4. | विटामिन सी | करेले के ज्यूस में विटामिन सी पाया जाता है जो की त्वचा के निखार में लाभदायक होता है साथ ही ये हड्डियों को मजबूत बनाने में और किसी भी गहरे घाव को जल्द सही करने में मदद करता है। |
| 5. | विटामिन ए | करेले में विटामिन ए पाया जाता है जो की आखो की रौशनी को बढ़ाने में और नाईट ब्लाइंडनेस की समस्या को हल करने में मदद करता है। |
| 6. | विटामिन ई | इसमें विटामिन इ होता है जो शरीर में बनने वाले बेड कोलेस्ट्रॉल को रोकता है जिससे हार्ट में ब्लॉकेज की समस्या पैदा नहीं होती। |
| 7. | पोटैशियम | इसमें पोटासियम पाया जाता है जो नसों को मजबूत बनाता है। |
| 8. | मैग्नीशियम | ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है जिससे कोई भी बीमारी चाहे वो खासी जुखाम हो या हार्ट सम्बन्धी बीमारी कुछ भी परेशान नहीं करता। |
| 9. | जिंक | जिंक होता है जो की इम्युनिटी को बढ़ता है जिससे बार बार दस्त लगने की समस्या से भी छुटकारा मिलता है। |
| 10. | एंटी इन्फ्लैमटोरी प्रॉपर्टीज | करेले के ज्यूस की एंटी इन्फ्लैमटॉरी प्रॉपर्टी होती है जो की शरीर में हो रही सूजन को रोकता है जिससे थाइराइड की समस्या भी हल हो जाती है। |
| 11. | आयरन | इसमें आयरन पाया जाता है जो शरीर के विकास में मदद करता है और साथ ही लाल खून बनाता है। |
| 12. | एंटी ऑक्सीडेंट्स | इसमें अच्छी मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट्स होते है जो की फ्री रेडिकल डैमेज को रोकता और कैंसर जैसी बिमारियों से भी बचता है। |
| 13. | बीटा कैरोटीन | बीटा केरोटीन होने के कारण ये आखो की रौशनी को अच्छी रखता है। |
| 14. | लौ कैलोरीज | कैलोरीज़ की मात्रा काफी काम होती है जिससे वजन तेजी से कम होता है। |
करेले के ज्यूस के कुछ अन्य फायदे
- करेले का ज्यूस उन लोगो को भी दिया जाता है जिन्हे अल्सर की समस्या है क्युकी ये अल्सर को काफी जल्दी सही करने का दम रखता है।
- यदि पेट के कीड़ो की और कब्ज की समस्या है तो उसे भी करेले का ज्यूस सही कर देता है।
- यह लिवर के फंक्शन को अच्छा करने में मदद करता है क्युकी ये पेट में जमा पुराने से पुराना मल साफ़ कर देता है।
- करेले के ज्यूस का सेवन खून साफ़ करने के लिए भी किया जाता है।
- यदि किसी व्यक्ति को घटिया बाय की समस्या है तो उसे भी ठीक करता है क्युकी इसमें आयरन, पोटासियम और मैग्नीशियम रहता है।
- करेले का ज्यूस वजन घटाने में भी मदद करता है।
करेले ज्यूस का सेवन कैसे करे?

आपको करेले के ज्यूस सुबह खाली पेट ही हफ्ते में 3 बार तो जरूर करना है जिससे ज्यादा फायदे आपको मिलेंगे और आप पूरा हफ्ता ले सकते है तो बहुत है। सिर्फ 2 एमएल करेले के ज्यूस को पानी के गिलास में मिलाकर लिया जा सकता है। यदि आपको डाइबिटीस की समस्या है तो जरूर करेले का ज्यूस पिए।
करेले के ज्यूस के नुक्सान
- ज्यादा करेले के ज्यूस का सेवन करने से ये पीरियड्स के फ्लो को बढ़ता है क्युकी इसकी तासीर गरम होती है, तोह यदि आपको ये सूट नहीं करता तो इसका सेवन ना करे।
- प्रेग्नेंट महिलाओ को इसका सेवन नहीं करना चाहिए, यदि वो करती है तो डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
- ये ब्लड शुगर लेवल को तेजी से कम करता है तो जिनकी शुगर लेवल कम ही रहती है कभी कभी उन्हें इससे परेशां हो जाती है क्युकी शुगर लेवल ज्यादा निचे गिर जाता है।
रागी रोटी के फायदे
- रागी में काफी ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है, यहाँ तक की 100 ग्राम रागी के आटे में 344 एमजी कैल्शियम पाया जाता है जो पुरे दिन की कैल्शियम की पूर्ती के लिए पर्याप्त है। इसमें कैल्शियम की अधिकता होती है इसीलिए ये हड्डियों के लिए बहुत अच्छा होता है। कैल्शियम ज्यादा होने के कारण ये बढ़ते बच्चो और गर्भवती महिलाओ के लिए भी काफी अच्छा रहता है।
- इसमें विटामिन डी की भी प्रचुर मात्रा रहती है।
- रागी का ग्लायसिमिक इंडेक्स भी काफी कम होता है इसीलिए ब्लड शुगर लेवल को भो कम करता है। शरीर के बने स्टार्च को ये सोख लेता है।
- यदि आपके बाल ज्यादा झड़ते है आप हेयर मास्क बना सकते है उसमे भी फायदा पहुँचता है।
- साथ ही इसमें मयोथोनीन जो ये चेहरे पर हुए डार्क सर्कल्स, झाइयों को भी सही करने में भी कारगर सिद्ध होता हो।
- यदि आप दिन में रागी की रोटी खा ले तो आपको लम्बे समय तक भूख नहीं लगेगी पेट भरा भरा रहेगा।
- शरीर में यदि कोई घाव है तो इसको खाने से घाव जल्दी भर जाते है।
- ये बिलकुल ग्लूटन फ्री है इसलिए जिनको मोटापे की समस्या है उन्हें इसका सबसे ज्यादा सेवन करने से मोटापे की समस्या से छुटकारा मिलता है। जिससे आलस भी नहीं आता।
- इसमें फाइबर भी अछि मात्रा में होता है इसीलिए ये हार्ट को भी काफी ज्यादा फायदा पहुँचता है। फायबर ज्यादा होने से ये शरीर में धीरे धीरे पचती है जिससे ब्लड शुगर लेवल भी एक दम से नहीं बढ़ता।
- रागी में जैसा हमने आपको बताया की आयरन भी प्रचुर मात्रा में होता है इसीलिए ये हमारे खून को भी साफ़ रखता है और अनीमिया से भी बचाता है। साथ ही आयरन औरतो के लिए और बढ़ते बच्चों के लिए काफी अच्छा होता है इसीलिए डाइट में रागी को जरूर शामिल करना चाहिए।
- रागी मॉल्ट एक ऐसी ड्रिंक है जिसको पीने से सभी रागी के सरे पोषक तत्व शरीर को मिल जाते है।
- रागी हमारे बेली फैट को कम करने में मदद करता है क्युकी इसमें एमिनो एसिड भी पाया जाता है।
- रागी में प्री बायोटिक और प्रो बायोटिक पाए जाते है जो हमारे पेट के लिए काफी अच्छे रहते है जिससे डाइजेशन अच्छे तरीके से होता है और ब्लोटिंग और इंफ्लमैशन की समस्या नहीं होती।
- इसमें ट्रीप्टोफन नाम का एमिनो एसिड होता है जो हमें डिप्रेशन, एंजाइटी से दूर रखता है और हम खुश रहते है।

रोचक तथ्य :- इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ साइंस में लिखा है की डिप्रेस्शन, एंजाइटी, इन्सोमिया, माइग्रेन जैसी बिमारियों का इलाज करने के लिए भी रागी का उपयोग किया जाता है।
रागी खाते वक्त हमें किन बातो का ध्यान रखना चाहिए:-
- रागी में कैल्शियम ज्यादा मात्रा में होता है इसीलिए जिन लोगो को स्टोन की समस्या है वो रागी का इस्तेमाल ज्यादा ना करे।
- रागी में फाइबर भी ज्यादा इसीलिए कई लोगो को फाइबर की ज्यादा मात्रा खाने से कब्ज की समस्या हो जाती है अगर आपको भी ऐसा लगे तो रागी का सेवन ना करे।
- रागी का सेवन यदि आप कर रहे है तो आप विटामिन सी का भी सेवन उसके साथ जरूर करे इससे कैल्शियम और आयरन को अब्सॉर्ब करने में ज्यादा फायदा मिलेगा।
- रागी एक ठंडी तासीर का है इसीलिए आप गर्मी में भी सेवन कर सकते है पर हो सकता है की आप सर्दियों में इसका सेवन ज्यादा ना कर पाए।
रागी के आटे से क्या क्या बनाया जा सकता है ?
रागी के आटे से बहुत सी चीज़े आसानी से बनायीं जा सकती है बस ध्यान रहे की जब भी आप इससे आटा गुथे तो हलके गुनगुने पानी का उपयोग करे और इसे थोड़े देर ढक कर रख दे फिर रोटी बनाये।
- रागी के आटे की आप रोटी या फिर पराठे भी बना सकते है।
- रागी के आटे का बेटर बनाकर चिल्ला बना सकते है।
- रागी के आटे में उफान लाकर यानि फरमेंट करके इडली या फिर डोसा भी बना सकते है।
- रागी मॉल्ट का सेवन आप ब्रेकफास्ट में कर सकते है।
- आप चाहे तो साउथ इंडिया में बनने वाली रागी बॉल्स बनाकर भी रागी का सेवन कर सकते है।
- रागी के आटे का इस्तेमाल करके आप केक या फिर इसके बिस्कुट भी बना सकते है।
- रागी के आटे की पूरी भी बनायीं जाती है।
- रागी के आटे का उपमा और दलिया भी बनाया जाता है।

कैल्सियम से भरपूर फूड्स [Calcium Rich Foods in Hindi]
1.राजगिरा/ रामदाना/ अमेरैंथ ग्रेन्स
आप राजगिरि की दाल या फिर इसके पत्तो का भी सेवन कर सकते है। आपने देखा होगा की ज्यादातर इसका सेवन व्रत में किया जाता है पर आप इसको नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल कर सकते है। आप इसका आटा बाजार से भी ला सकते है जिसके आप रोटी बना सकते है। राजगिरे के आटे की ख़ास बात ये है की ये ग्लूटोन फ्री है , इसमें कैल्सियम, पोटासियम, प्रोटीन, फास्फोरस, डाइट्री फाइबर काफी अच्छी मात्रा में है। इसके आटे का आप हलवा, पकोड़े, पराठे, लड्डू भी बना सकते है।
इसके आलावा राजगिरे के दाने के आप चिक्की और लड्डू भी बना सकते है। राजगिरे की सब्जी भी काफी अच्छी बनती है उसे भी बना सकते है। इसीलिए इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करे जिससे कैल्सियम की पूर्ति हो सके।

2.तिल ( काले या सफ़ेद तिल )
आपको जानकर हैरानी होगी की 100 ग्राम दूध में करीब 125 मिलीग्राम ही कैल्सियम होता है और 100 ग्राम तिल में 975 मिलीग्राम तिल जो की दूध से काफी ज्यादा है। तिल को अस्थिधामक पोषक कहा जाता है यानी की जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।
तिल का प्रयोग आप तिल को रोस्ट करके और इसमें कुछ मसाले डालकर इसकी चटनी बना ले जिसे आप रोज खाने के साथ खा सकते है। तिल और गुड़ के लड्डू और चिक्की भी काफी प्रसिद्ध होते है, तिल के तेल का सेवन भी किया जा सकता है। आपने देखा होगा की कई लोग तिल का तेल लगाकर धुप में बैठते है जो कैल्सियम को जल्दी अपसर्ब करने में मदद करता है। जोड़ो के दर्द में भी तिल काफी असरदार होता है।

3.खाने का चुना
ये कैल्सियम का सबसे अच्छा स्त्रोत है पर ध्यान रहे की एक गेहू के दाने के बराबर ही इसका सेवन करे इससे ज्यादा ना करे। खाने के चुने का सेवन पान के पत्ते के द्वारा किया जा सकता है।

4.रागी
रागी का आटा कैल्सियम की पूर्ती बहुत अच्छा करता है जो आसानी से पांच जाता है। इसका सेवन बूढ़े, बच्चे जवान सभी कर सकते है। इससे वजन तो नहीं बढ़ता बल्कि ये वजन घटाने और हड्डियों को मजबूती देने में मदद करती है। आप रागी के आटे की रोटी, इडली, दलिया, चिल्ला, सूप आदि चीज़ो का सेवन कर सकते है। रागी सिर्फ कैल्सियम का ही नहीं बल्कि खून बढ़ने का बहुत अच्छा स्त्रोत है। आप इसे डाइट में जरूर शामिल करे। रागी के आटे के लड्डू भी बहुत अच्छे रहते है।

5.कुल्थी की दाल
जो भी लोग शाकाहारी है उनके लिए ये दाल बहुत अच्छी है जिसे काली दाल कहा जाता है। इसका सेवन वजन घटाने, फेट लॉस, कैल्सियम की पूर्ति, पाचन शक्ति को बढ़ने के लिए किया जाता है। इसका सेवन किडनी के स्टोन को काम करने के लिए भी किया जाता है। इसकी तासीर गरम है इसीलिए शरीर में जमी पथरी को फोड़ कर भार निकलती है। इसके सेवन से पेशाब ज्यादा आता जिससे शरीर की गन्दगी भी बहार निकल जाती है। कुल्थी की दाल का सूप, सब्जी बनायीं जा सकती है। इस दाल को खाते वक्त ध्यान रहे की जिनको पेट में ज्यादा जलन, गर्मी और एसिडिटी की समस्या रहती है उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

6.गोंद
हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए बाबुल के गोंद का सेवन किया जाता है। इसका सेवन लड्डू में दाल कर किया जाता है। ये शरीर की थकान को काम करने और एनर्जी देने के लिए किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति को फैक्चर हो गया है तो उसमे ये दिया जाता है जो की हड्डियों को मजबूती देता है। सर्दियों के मौसम में इसको घी में सेककर लड्डू में मिलाया जाता है। है इसको पचने में समय ज्यादा लगता है पर ये हड्डियों के लिए काफी अच्छा रहता है।

7.छुआरा
छुआरे आप छोटे बच्चे , बूढ़े और जवान सभी को दिया जा सकता है। छुआरे का पाउडर भी मिलता है जिससे आप हलवे में, लड्डू इस्तेमाल कर सकते है जो हलकी मिठास देता है। इसके आलावा इसके पाउडर को आप दूध में डाल कर दे सकते है। आमतौर पर लोग साबुत छुआरे को दूध में उबाल कर लेना पसंद करते है जो भी काफी अच्छा रहता है पर यदि आपको दूध सूट नहीं करता है तो आप इसके पाउडर का सेवन कर सकते है।

Top Hemoglobin Foods To Increase Your Hemoglobin in Hindi
तो इन सभी बिमारियों से बचने के लिए हम आपके साथ कुछ ऐसे प्राकर्तिक तरीके बताने वाले है जिनको अपनाकर आप अपना खून बढ़ा सकते है। तोह चलिए इन चीज़ो के बारे में जान लेते है-
1.मोरिंगा की पत्तियां
मोरिंगा उसमे अछि मात्रा में आयरन, विटामिन सी, विटामिन डी और मैग्नीशियम होता है जो की सेहत के लिए काफी अच्छा होता है। इसमें आयरन की मात्रा 28 मिलीग्राम होती है जो की पालक से भी ज्यादा है। हमारे पुरे शरीर में करीब 15 मिलीग्राम आयरन की जरुरत होती है जो की सिर्फ 100 ग्राम मोरिंगा ही पूरी कर सकता है। इसका सेवन करने के लिए आप 20 से 25 मोरिंगा के पत्ते ले और इसके छोटे छोटे टुकड़े कर इसमें 1 चम्मच गुड़ का पाउडर मिला कर एक चूर्ण बना ले।
इस चूर्ण को आप एक चम्मच ब्रेकफास्ट से पहले खा सकते है। ये एक ऐसे औषधि है जिसके अनगिनत फायदे है। इसमें काफी ज्यादा मात्रा में विटामिन ए, विटामिन बी और विटामिन सी पाया जाता है। तो चलिए इसके कुछ गुणों के बारे में भी जान लेते है।
- पहला गुण है इसका एन्टीइन्फ्लैमटोरी गुण जिसकी वजह से बॉडी में किसी भी तरह का दर्द है तो मरिंगा आपके लिए सबसे उपयोगी है।
- दूसरा है यदि आप वजन घटना चाहते है तो भी ये आपके लिए बहुत अच्छा है।
- तीसरा गुण है इसका ये विश्र है और शुक्र है जो की शरीर में शुक्राणु यानी की स्पेर्म्स की क्वालिटी को बढ़ता है।
- यदि आप अपनी बॉडी को डेटॉक्स करना चाहते है तो उसमे भी ये बहुत फायदा पहुँचता है।
- शरीर में किसी भी तरह के घाव को ये जल्द भरने में मदद करता है।

2.चुकुंदर को खाके हीमोग्लोबिन बढ़ाएं
इसमें काफी मात्रा में आयरन, कॉपर , फास्फोरस, मैग्नीशियम, विटामिन बी 1, विटामिन बी 2 , विटामिन बी 6, विटामिन बी 12 और विटामिन सी होता है जो की खून बढ़ाने का काम करता है। इसको आप काटकर ज्यूस बनाकर इसका सेवन कर सकते है या फिर सलाद के रूप में भी इसे खा सकते है।
यदि आप रोज एक चुकंदर खा ले तो शरीर में हो रही थकान को मिटाता है और ऊर्जा प्रदान करता है। साथ ही ये हमारे ब्लड परेसुरे को काम करने का काम भी करता है, शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ता है। ये महराए पाचन तंत्र के लिए भी काफी अच्छा होता है।

3.खजूर और किशमिश
इन दोनों में आयरन की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इसमें हर तरह के माइक्रो नुट्रिएंट्स जैसे मैग्नीशियम, कॉपर, विटामिन ए और विटामिन सी सब होता है। ये यदि हम हर रोज खाएंगे तो इससे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और साथ ही आयरन को भी अच्छा अब्सॉर्ब करती है। रात के समय 3 से 4 खजूर और थोड़े किशमिश को रात को भिगो कर रख दे और सुबह उठकर इन्हे खा सकते है।
साथ ही जिन लोगो का वजन कम है वो लोग किशमिश का सेवन कर सकते है। जिन लोगो को कब्ज की समस्या रहती है उनके लिए भी खजूर और किशमिश बहुत फायदा पहुँचता है। खून की कमी को पूरा करने के लिए भी खजूर और किशमिश का उपयोग किया जाता है। इन दोनों में ही विटामिन सी और कॉपर की प्रचुर मात्रा होती है जिससे खून जो बनता है वो अच्छा खून बनता है।

4. शहद
शहद में आयरन काफी मात्रा में होती है साथ ही इसको अनीमिया के लिए काफी अच्छा मन जाता है। यदि शहद के साथ आप एप्पल साइडर वेनेगर या फिर निम्बू मिला लेंगे तो इसकी ताकत और भी बढ़ जाती है। ये एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह भी काम करता है।
शहद एक अमृत के सामान है क्युकी इसका उपयोग बिगड़े हुए रोगो के इलाज हेतु उपयोग कराया जा सकता है। साथ ही शहद स्किन और बालो के लिए भी बहुत अच्छा होता है। इसका सेवा खासी, जुखाम और वजन कम करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। शहद खाने का सही तरीका है की इसे खाली पेट खाये जिससे आपको दो गुना फायदा मिलेगा।
इसे हलके गुनगुने पानी में ही इसका सेवन करे गर्म पानी में ना करे। शहद को पकाकर गर्म पानी में खाना नुकसानदायक होता है। इसीलिए सही तरीके से इसका सेवन करे।

5.पालक
पालक का यदि आप ज्यूस पीते है तो 100 ग्राम पालक में 2.7 मिलीग्राम आयरन होती है। यदि रोज पालक शरीर को बहुत फायदा पहुँचता है। आयरन की अधिकता के कारन ये खून बढ़ने में मदद करता है। पालक की सब्जी, सलाद और पाउडर आदि के रूप में इसका सेवन किया जाता है। इसके आलावा इसमें कैलोरीज की मात्रा बहुत कम है तो इसका उपयोग वजन घटने में भी किया जाता है।
इसमें कैल्शियम अछि मात्रा होती है जो की हड्डियों को भी मजबूती प्रदान करता है। कैंसर से बचाव के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। पर ध्यान रहे जिनको अर्थराइटिस की समस्या है उनको पालक का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके आलावा जिनको पथरी है उन्हें भी पालक का सेवन नहीं करना चाहिए।

इन चीज़ो के खाने से आपकी खून की कमी को पूरा किया जा सकता है। इस ब्लॉग के माद्यम से हमने “Top Hemoglobin Foods To Increase Your Hemoglobin in Hindi” इसको पूरा बता दिया है तो आज ही ये सब अपनाये और अपने शरीर को स्वस्थ रखे।
प्रश्न और उतर:
प्रश्न 1: रोज पनीर खाने से क्या फायदे होंगे?
उतर: पनीर को रोज खाने से बहुत से गुणकारी फायदे होते है जैसे की विटामिन B12 , पोटेशियम, प्रोटीन, और साथ साथ आपको दिल को भी हैल्थी बनाया रखता है।
प्रश्न 2: कच्चा पनीर को खाने से आपको क्या फायदे होंगे?
उतर: कच्चा पन्नीर खाने से आपको शरीर को जो प्रोटीन की मात्रा चाहिए होती है वो भरपूर मिलती है और इसके साथ ही हडियो को भी मजबूत रखता है।
प्रश्न 3: आपको कितना पनीर रोज खाना चाहिए?
उतर: आप 100 से 150 ग्राम पनीर रोज खा सकते है जो आपको स्वस्थ भी रखेगा और पूरा दिन सक्रिय रहने में भी मदद करेगा।
प्रश्न 4: कच्चा पनीर खाने से चेहरे पर क्या होता है?
उतर: अगर आप कच्चा पनीर रोज कहते है तो उसे आपकी स्किन हैल्थी बानी रहेगी और विटामिन ए, विटामिन ई, और सेलेनियम के गुण पाए जाते है।
प्रश्न 5: क्या पनीर को रोज खाने से बॉडी बनती है?
उतर: अगर आप पनीर कहते है तो उसे आपकी बॉडी को जरुरी प्रोटीन मिलते है जिसे आपकी हडियो को मजबूती मिलती है और पनीर को घी या फ्राई करके हे खाये और रात में खा सकते है।
Q.6- जामुन के पत्तो के क्या फायदे है?
उत्तर- जामुन के पत्ते शुगर, हार्ट की बीमारी, अल्सर, मुँह की बीमारियां, छाले, कब्जी, दस्त, सर की फुंसियों, सर्दी- झुखाम, किडनी स्टोन, ब्लॉटिंग और सूजन जैसी सभी प्रकार की समस्या का छुटकारा दिलाने में मदद करता है।
Q.7- क्या कैंसर में जामुन के पत्तो का सेवन किया जाता है?
उत्तर- हा कैंसर में जामुन के पत्तो का सेवन किया जा सकता है, यही नहीं बहुत सी आयुर्वेदिक दवाइयों में इसका सेवन किया जा सकता है।
Q.8- जामुन के पत्ते खाने के क्या नुकसान है?
उत्तर- यदि आपका ब्लड शुगर लेवल कम रहता है तो आपको जामुन के पत्तो का सेवन नहीं करना चाहिए क्युकी इससे शुगर लेवल काफी कम हो जाता है जिससे आपका बीपी लो होने की समस्या हो सकती है। जिन लोगो को एसिडिटी की समस्या होती है उन्हें भी जामुन के पत्तो का सेवन नहीं करना चाहिए क्युकी ये एसिडिक प्रवर्त्ती का होता है जिससे शरीर में गैस की परेशानी हो सकती है।
Q.9- क्या हमें कच्चे जामुन के पत्ते खाने चाहिए?
उत्तर- हा हम कच्चे जामुन के पत्ते खा सकते है पर ध्यान रहे इनको अच्छे से धो ले या फिर गर्म पानी में उबाल ले तभी सेवन करे क्युकी इन पर कई छोटे छोटे जानवर अंडे दे देते जो शरीर को नुक्सान पंहुचा सकते है। हो सकते तो नए और कच्चे जामुन के पत्ते ही खाये जो अभी अभी ही उगे हो।
Q.10- एक दिन में कितने जामुन के पत्ते खाने चाहिए?
उत्तर- एक दिन में एक जामुन के पत्ते से ज्यादा ना खाये।
Q.11 क्या करेले के जूस पिने से कम होता है शुगर लेवल?
उतर: जी हां! अगर आप करेले का जूस पीते हो तो ये शरीर में शुगर लेवल को कम करता है और ये डायबीटिक्स रोगियों के लिए बहुत लाभदायक है।
Q.12 क्या करेले के जूस पिने से शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है?
उतर: करेले के जूस में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है जो वजन कम करने और इम्युनिटी, और मेटाबोलिज्म बढ़ाने में फायदा करता है।
Q.13 अगर शुगर नहीं हो तब ही करेले का जूस पि सकते है?
उतर: हां, अगर आपके शुगर नहीं है तब भी आप करेले का जूस पि सकते हो।
Q.14 क्या करेले का जूस लिवर के लिए सही होता है?
उतर: हां, करेले के जूस में एक डिटॉक्सीफाइंग एजेंट है जो लिवर के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।
Q.15 रोज करेले के जूस पिने से क्या होता है।
उतर: अगर आप अपना ब्लड शुगर नियंत्रित करना चाहते है तो आप रोज करेले का जूस पिए, सबके लिए कारगर भी नहीं होता है तोह नियमित ही जूस का सेवन करे।
Q.16 करेले का जूस पिने का सबसे अच्छा समय क्या है ?
उतर: सुबह खली पेट अगर आप करेले का जूस पिटे है तो आपके लिए बहुत फायदेमद होगा। आप सुबह थोड़ा बहुत चलकर आप करेले जा जूस पी सकते है।
Q.17 करेले का जूस अगर आप कितने दिन तक पीना चाहिए?
उतर: अगर आप करेले के जूस को अपने डाइट में मिला कर पीना चाहिए तोह हफ्ते में 1 से 2 बार से जयदा नहीं पीना चाहिए।
Q.18 क्या करेले के जूस को पिने से पेट की चर्बी काम होती है?
उतर: अगर आप अपना वजन काम करना चाहते है तो करेले का जूस आपके लिए बेहतरीन विकलप है इसे आप का पेट भरा रहेगा और आप कैलोरी गेन नहीं कर पाओगे।
प्रश्न 19: क्या गर्मियों में दही को खाना चाहिए?
उतर: गर्मियों में दही खाने से बहुत से लाभ होते है जैसे की B12 , पोटेशियम, प्रोबायोटिक्स, पोटेशियम और प्रोटीन दही में में जो होते है वो बॉडी को अंदर से ठंडक पहुंचाते है।
प्रश्न 20: किस तरीके से मौसम में दही नहीं खाना चाहिए?
उतर: अगर बारिश में मौसम में दही को नहीं खाना चाहिए, क्युकी दही में मौजूद बैक्ट्रिया मानसून के सीजन में दही का सेवन करना आपकी तबियत को बिगाड़ सकता है।
प्रश्न 21: क्या आपको बुखार में दही को खाना चाहिए?
उतर: यदि आपको बुखार या फिर सर्दी हो तो आपको दही नहीं खाना चाहिए। लासी रायता और बहुत सी चीज़ो के कहानी से बचना चाहिए।
प्रश्न 22; रात में दही खाने के क्या नुकसान होते है?
उतर: अगर आप रात में दही का सेवन करते है तोह आपको पेट से सम्बंधित समस्या, मेटाबोलिज्म का कम होना, या फिर कफ भी बढ़ सकता है।
प्रश्न 23: क्या दही को कहानी से पेट में गैस बनती है क्या?
उतर: दही से काफी बार तोह पेट फूलना, गैस, और एसिडिटी जैसी समस्या भी हो सकती है।
प्रश्न 24: क्या दही कहानी से लीवर अच्छा रहता है?
उतर: आजकल कुछ भी कहानी से पहले हम ये सोचते है की क्या ये सही है मेरी हेल्थ के लिए, क्या फैटी लिवर के होने साथ भी दही खा सकते है। काम वसा वाला दही फैटी लिवर के सही रहता है बहुत और बहुत ही जयदा पौष्टिक रहता है।
Q.25- रागी के आटे का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर- रागी के आटे को मंडुआ और नाचनी भी कहा जाता है इसके आलावा इसे इंग्लिश में फिंगर मिलेट कहा जाता है।
Q.26- रागी खाने के क्या नुक्सान है?
उत्तर- रागी में कैल्शियम बहुत ज्यादा मात्रा में होता है इसीलिए जिनको किंडनी में स्टोन है उन्हें इसका सेवन बहुत कम मात्रा में करना चाहिए और इसके आलावा कई लोगो में इसे खाने से कब्ज की समस्या भी हो जाती है इसीलिए यदि आपको एक दो बार खाने से लग रहा है की आपको भी कब्ज हो रहा है तो इसका सेवन ना करे।
Q.27 – रागी का आटा खाने से क्या फायदा मिलता है?
उत्तर- रागी को खाने से हड्डियां मजबूत होती है, आलस नहीं आता, शुगर कम रहती है, बालों और त्वचा के लिए अच्छा होता है, मोटापे की समस्या को दूर करता है, हैप्पी हार्मोन का स्राव करता है, लम्बे समय तक भूख नहीं लगती साथ ही शरीर में हुए बड़े से बड़े घाव को जल्दी भरने की ताकत रखता है।
Q.28- रागी का आटा गर्म होता है क्या ?
उत्तर- नहीं रागी के आटे की तासीर ठंडी होती है और यहाँ तक ही आप इसको हर मौसम चाहे सर्दी हो या गर्मी सभी में इस्तेमाल कर सकते है।
Q.29- रागी के आटे से क्या क्या बनाया जा सकता है?
उत्तर- रागी के आटे की रोटी, पराठा, इडली, डोसा, चिल्ला, केक, बिस्कुट, स्मूथी, पूरी, उपमा और दलिया बनाया जा सकता है जिसे बनाना बहुत ही आसान है।
Q.30- कैल्सियम की कमी को केसा पता लगाए?
उत्तर- यदि आपको लगातार घुटनो में और कमर में दर्द रहता है तो ये कैल्सियम की कमी को दर्शाता है। यदि आपकी हड्डियां कमजोर है, कटके निकलते है, बालों का झड़ना, बालों का रूखापन, मस्सल में क्रैम्प्स आना, त्वचा में रुखनापन आना, एग्ज़ीमा, दाँतों से संबंधिति समस्या, चक्कर आना, थकान आना, नींद आना ये सभी समस्या कैल्सियम की कमी को दर्शाता है।
Q.31- एक व्यक्ति को एक दिन में कितने कैल्सियम की आवश्यकता होती है?
उत्तर- एक व्यस्क आदमी को एक दिन में करीब 1000 से 1200 मिलीग्राम है लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में ये मात्रा बढ़ जाती है जैसे गर्भवती महिलाओ में, बुढ़ापे में।
Q.32- क्या कैल्सियम की गोलियां नुक्सान करती है?
उत्तर- कैल्सियम की पूर्ती के लिए दी जाने वाली गोलियां काफी हद तक नुक्सान करती है जिससे कब्जी की समस्या, किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है इसीलिए रोज कैल्सियम की गोलियों का सेवन नहीं करना चाहिए।
Q.33- कैल्सियम की पूर्ती किन किन चीज़ो से की जा सकती है/
उत्तर– कैल्सियम की पूर्ती दूध, राजगिरे के आटे, तिल, रागी के आटे, छुआरे, खाने के चुने, गोंद, काली डाल, आदि चीज़ो से की जा सकती है।
Q.34– क्या दूध का ज्यादा सेवन करने से कब्ज की समस्या हो सकती है?
उत्तर- हां दूध का ज्यादा सेवन करने से कब्ज की समस्या हो सकती है।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गयी जानकारी सिर्फ और सिर्फ जानकारी देने के लिए दी गयी है अगर आपको भी कोई भी जानकारी चाहिए तोह आप अपने सलाहकार से बात करे।
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